किउल नदी में नियमों को ताक पर रखकर हो रहा बालू का उठाव

Updated:
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा, लगभग छह माह पूर्व इसी बालू घाट में डूबने से 50 वर्षीय मांगो मंडल की हुई थी मौत

विज्ञापन

खैरा. थाना क्षेत्र के सगदाहा गांव स्थित किउल नदी घाट पर बालू खनन का ग्रामीणों ने विरोध जताया. रविवार को दर्जनों की संख्या में ग्रामीण बालू घाट पर पहुंचे तथा उन्होंने वहां खनन प्रक्रिया के खिलाफ जमकर बवाल काटा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उक्त घाट पर संवेदक के द्वारा नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से बालू का उठाव किया जा रहा है, जिस कारण यहां के लोगों को अपनी जान देकर उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि संवेदक के द्वारा निजी जमीन व मंदिर के आसपास के क्षेत्र में भी उत्खनन का कार्य किया जा रहा है. घाट के बगल में मौजूद श्मशान घाट को भी तहस-नहस कर दिया गया है. ग्रामीण पिंकू सिंह ने बताया कि बालू ठेकेदार के द्वारा अवैध रूप से उत्खनन किया जा रहा है, जिससे सगदाहा गांव का भविष्य खतरे में दिख रहा है. लगभग एक महीने बाद जब वर्षा शुरू होगी तब गहरे गड्ढे में पानी भरेगा जिससे की ग्रामीणों के लिए संकट उत्पन्न होगा. ग्रामीण विनय कुमार सिंह ने बताया कि नदी किनारे कई मंदिर है और यहां धार्मिक कार्य बराबर होते रहते हैं. अगर इसी तरह बालू का उठाव होते रहेगा तो यहां धार्मिक अनुष्ठान भी कर पाना संभव नही है. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बालू उठाव में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया तथा विभाग के द्वारा इस ओर ध्यान आकृष्ट करने की मांग की.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन