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अधर्म का नाश व धर्म की स्थापना के लिए हुआ श्रीराम का अवतार : पंडित कृष्णकांत

Updated at : 06 Feb 2026 9:21 PM (IST)
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अधर्म का नाश व धर्म की स्थापना के लिए हुआ श्रीराम का अवतार : पंडित कृष्णकांत

प्रखंड के पंच मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ भक्ति, आस्था और उल्लासपूर्ण वातावरण में निरंतर जारी है.

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गिद्धौर . प्रखंड के पंच मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय विराट महायज्ञ भक्ति, आस्था और उल्लासपूर्ण वातावरण में निरंतर जारी है. बीते गुरुवार देर संध्या महायज्ञ के तीसरे दिन रामकथा व रामलीला के मंचन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. जैसे ही मंच पर श्रीराम सहित चारों भाइयों में राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा. राम जन्म के अवसर पर अयोध्या की दासियों द्वारा गाये गये पारंपरिक बधाई गीत राजा जी खजनवां दे द, रानी जी गहनवां दे द… ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया. राम जन्म का जीवंत मंचन देख श्रोता भावनाओं में डूब गये. रामलीला मंच पर नन्हें राम का रूप धरे बाल कलाकार आयरा के मासूम और नटखट बालपन ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. श्रीधाम वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित कृष्णकांत जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी और भावपूर्ण शैली में श्रीराम जन्म की कथा सुनायी. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ है. महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित रामलीला में अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक, माता कैकयी के वरदान में वनवास की मांग, पिता के वचन की रक्षा के लिए श्रीराम का माता सीता एवं अनुज लक्ष्मण के साथ वनगमन, वनवास काल में शूर्पणखा प्रसंग एवं लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का दृश्य प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया. इसके साथ ही शूर्पणखा द्वारा लंकेश रावण के पास जाकर अपनी व्यथा सुनाने और सीता हरण का कारण बनने वाला प्रसंग भी मंच पर जीवंत रूप में दिखाया गया, जिसे देख दर्शक भावुक हो गये. पूरी रामलीला के दौरान पंडाल दर्शकों से खचाखच भरा रहा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतिदिन भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान वय्वस्था बनाये रखने को लेकर प्रशासन मुस्तैद नजर आया. इस धार्मिक अनुष्ठान के सफल आयोजन में सनातन संस्कृति सेवा समिति के अध्यक्ष सोनू कुमार, सचिव सुमन कुमार, सह सचिव सुशांत साईं सुंदरम, कोषाध्यक्ष बिट्टू कुमार, सह-कोषाध्यक्ष रॉकी कुमार, उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी सहित बजरंगी कुमार, आशीष गुप्ता, राजन कुमार, संतोष कुमार, प्रिंस झा, रॉनित कुमार, मिथलेश कुमार, विकास माथुरी, ब्रह्मदेव कुमार, आकाश कुमार सोनू, अंजेश कुमार एवं अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका को लोगों ने सराहा.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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