बीडीओ के औचक निरीक्षण में स्कूलों की खुली पोल बरहट. प्रखंड में संचालित सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई उस वक्त सामने आ गयी, जब बीडीओ एसके पांडेय के औचक निरीक्षण ने सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया. फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत पाड़ों पंचायत में ग्रामीणों को जागरूक करने पहुंचे बीडीओ को ग्रामीणों ने स्कूलों में भारी अनियमितता की शिकायत की, इसके बाद उन्होंने तुरंत स्कूलों का निरीक्षण किया. इस दौरान उमवि भूदानपुरी में हालात बेहद चिंताजनक पाये गये. स्कूल के प्रधान शिक्षक पिछले दो दिनों से अनुपस्थित मिले, जबकि कुल पदस्थापित शिक्षकों में मात्र दो सहायक शिक्षक ही स्कूल में मौजूद थे. जब पदाधिकारी ने उपस्थिति पंजी मांगी तो शिक्षकों ने देने से साफ इनकार कर दिया. हैरानी की बात यह रही कि कक्षा 6 से 8 तक एक भी छात्र उपस्थित नहीं था. इसके बाद प्राथमिक विद्यालय ललमटिया रजक टोला का निरीक्षण किया गया. जहां हालात और भी बदतर नजर आये. विद्यालय में पदस्थापित चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षिका किरण कुमारी उपस्थित मिली. प्रधान शिक्षिका के बारे में बताया गया कि वे ट्रेनिंग के लिए सीआरसी गयी हैं, लेकिन जब बीडीओ ने सीआरसी की जांच की तो वहां भी प्रधान शिक्षिका अनुपस्थित मिलीं. लगातार सामने आ रही इन गंभीर लापरवाहियों के बाद बीडीओ ने पूरे मामले की कलमबद्ध रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को भेज दी है और दोषी शिक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की है. — फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत निरीक्षण व किसानों को जागरूक करने का कार्य चल रहा था. इसी दौरान ग्रामीणों की शिकायत पर स्कूलों का निरीक्षण किया गया. जहां शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब पायी गयी. पूरे मामले की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गयी है और आगे कार्रवाई की जायेगी. एसके पांडेय, बीडीओ
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

