होली की आहट: रंगों व पिचकारी से सजा बाजार

रंगों का पर्व होली नजदीक आते ही शहर का बाजार पूरी तरह फगुआमय हो गया है.
जमुई. रंगों का पर्व होली नजदीक आते ही शहर का बाजार पूरी तरह फगुआमय हो गया है. मुख्यालय के महाराजगंज, महिसौड़ी, बोधबन तालाब, पुरानी बाजार समेत अन्य बाजारों में रंग, अबीर, गुलाल और पिचकारियों की सजी दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है. शहर से लेकर गांव तक लोगों पर होली का रंग चढ़ने लगा है. बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है, वहीं बाजारों में बजते फगुआ गीत माहौल को और रंगीन बना रहे हैं. हंसी-मजाक, खरीदारी और फगुआ गीतों के बीच पूरा जमुई होली के स्वागत को तैयार दिख रहा हैं. बाजार की रौनक बता रही है कि इस बार होली जमकर मनेगी.
हर्बल गुलाल की डिमांड में उछाल
केमिकल रंगों से होने वाले नुकसान को देखते हुए इस बार हर्बल गुलाल की मांग तेजी से बढ़ी है. दुकानदारों के अनुसार 20 रुपये में 100 ग्राम पैकेट उपलब्ध है, जबकि खुला गुलाल करीब 200 रुपये किलो बिक रहा है. आरारोट अबीर 50 रुपये किलो तक मिल रहा है. सोना-चांदी स्प्रे, पांपट अबीर और विभिन्न प्रकार के स्प्रे भी बाजार में मौजूद हैं.
लाखों के कारोबार की उम्मीद
कारोबारियों के मुताबिक इस बार देसी सामान की बिक्री बढ़ी है और हर्बल रंगों की मांग सबसे ज्यादा है. कारोबारियों का अनुमान है कि इस बार होली में रंग-गुलाल का कारोबार पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत बढ़ सकता है. जिले के विभिन्न प्रखंडों के बाजारों में भी रंग भेजे जा रहे हैं. शादी-विवाह के मौसम के कारण भी बाजार में रौनक बढ़ी हुई है.
वाटर बैलून का बढ़ा क्रेज
नई पीढ़ी में वाटर बैलून का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है बच्चे अबीर-गुलाल और पिचकारी के साथ बड़ी मात्रा में वाटर बैलून खरीद रहे हैं. इस बार होली में बैलून बाजी की धूम रहने की संभावना है.
बच्चों की पहली पसंद
होली पर्व पर धमाल मचाने की तैयारी में बड़ों के साथ बच्चे भी जमकर तैयारी कर रहे हैं. मुखौटा और पिचकारी, पाइप गन, पिट्ठू पिचकारी, फॉग प्रेशर, कार्बाइन और हजारा पिचकारी बच्चों की पहली डिमांड बनी हुई है. रंग-बिरंगे टोपी भी बच्चों को खूब लुभा रहे हैं. हालांकि महंगाई का असर के बावजूद लोगों में उत्साह बरकरार. बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रंग-गुलाल और पिचकारी की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ है. इस बार चाइनीज की जगह स्वदेशी पिचकारियां ज्यादा बिक रही हैं, जो अपेक्षाकृत सस्ती भी हैं.
कुर्ता-पैजामा की बढ़ी डिमांड
होली को लेकर रेडिमेड दुकानों में कुर्ता-पैजामा की मांग बढ़ गई है. पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं कुर्ती, सलवार-सूट और बच्चे डिजाइनर ड्रेस खरीद रहे हैं.
कुर्ता-पैजामा की कीमत एक नजर में
2–5 वर्ष: 2506–10 वर्ष: 300–350
11–14 वर्ष : 350–450पुरुष : 550–650
महिलाओं की कुर्ती: 200–450पिचकारी व रंग की कीमत एक नजर में
पिट्ठू पिचकारी – 350किट्टू डॉल – 200बंदूक पिचकारी – 30–70पाइप गन – 42–200
बोतल पिचकारी – 80मुखौटा – 10–120रंग – 5–25
हर्बल गुलाल – 15–35प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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