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पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने को लेकर निकाला आक्रोश मार्च

Updated at : 26 Sep 2024 9:17 PM (IST)
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पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने को लेकर निकाला आक्रोश मार्च

पुरानी पेंशन को फिर से लागू करने को लेकर नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के सदस्यों ने आक्रोश मार्च निकाला.

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जमुई. पुरानी पेंशन को फिर से लागू करने को लेकर नेशनल मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बन्धु एवं प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय के आवाह्न पर एनएमओपीएस के सचिव अवधेश कुमार तांती, कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्म चंदन रजक, बिहार राज्य अराजपत्रित सिंचाई यूनियन गोप गुट के जिलाध्यक्ष संजय कुमार के नेतृत्व में सिंचाई विभाग प्रांगण से शुरू होकर आंबेडकर चौक तक आकर आक्रोश मार्च सह कैंडल मार्च का समापन किया गया, आक्रोश मार्च के माध्यम से संगठन के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरकार से पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने की मांग की. तथा पुरानी पेंशन न लागू होने से आक्रोश जताए तथा अपने सचिव संबोधन में अवधेश कुमार तांती ने कहा कि हम सरकारी कर्मचारी का सम्मान पुरानी पेंशन स्कीम ही है. इसे सरकार को हर हाल में लागू करना होगा, सरकार को पुरानी पेंशन योजना लागू कर हम कर्मचारियों को सम्मान देना होगा. बिहार राज्य अराजपत्रित सिंचाई यूनियन के जिला अध्यक्ष संजय कुमार ने कहा कि यह हम सब की लड़ाई है, मिलकर लड़ेंगे तो हम निश्चित रूप से सफल हो पायेंगे. बिहार राज्य प्राथमिक संघ के जिला अध्यक्ष धर्म चंदन रजक ने कहा कि पुरानी पेंशन हक की लड़ाई है, हम इसे लेकर रहेंगे, तथा एन एमओपीएस के सक्रिय कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि भविष्य का दूसरा नाम संघर्ष है, हम लड़ेंगे और जीतेंगे ! सरकार द्वारा ओपीएस लागू न करना एक सोमनाथन कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक न करना अपने आप में काफ़ी है कि दाल में कुछ काला है. सोमनाथान कमेटी की रिपोर्ट अगर सार्वजनिक हो जाए तो उन मठाधीशों और दरबारियों की भूमिका भी देशभर के 1 करोड़ शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारियों के सामने आ जाएगी जिन्होंने पहले एनपीएस लागू कराने और ओपीएस बंद कराने में अपनी भूमिका निभाकर मैच फिक्सिंग की फिर अब यूपीएस पर डील करके देशभर के एक करोड़ कर्मचारियों की पीठ में छूरा घोंपा है. मार्च में रवि नरायण, कमल किशोर,प्रिय रंजन, संजय शर्मा, चंदशेखर साव, कमल नरायण पासवान, प्रीतम कुमार, परशुराम, अजय कुमार, मनोज कुमार सिन्हा, रवि शंकर, कुमार गौरव शर्मा, गोविंद, रिखराज सिंह, रामजन्म रॉय, भारतेंदु कुमार, सुशील कुमार, रवीश कुमार, मो शमीम अंसारी, रैयाज अकरम समेत हजारों की संख्या में सरकारी कर्मचारी शामिल हुए.

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