प्रखंड कार्यालय भूमि परिवर्तन के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

प्रखंड कार्यालय के नये भवन निर्माण के लिए पूर्व में चिह्नित भूमि को बदले जाने के निर्णय के खिलाफ विरोध तेज हो गया है.
बरहट . प्रखंड कार्यालय के नये भवन निर्माण के लिए पूर्व में चिह्नित भूमि को बदले जाने के निर्णय के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. इसी को लेकर बरहट संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत की गयी. धरना-प्रदर्शन में प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया. इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल हुईं. धरना स्थल पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने पारंपरिक हथियार तीर-धनुष के साथ डुगडुगी बजाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. पूर्व मंत्री विजय प्रकाश यादव ने कहा कि दशकों से बरहट में प्रखंड कार्यालय संचालित होता आ रहा है. नये भवन निर्माण के लिए सरकार ने भूमि चिह्नित कर राशि भी स्वीकृत कर चुकी थी, लेकिन अब राजनीतिक साजिश के तहत चिह्नित भूमि को बदलकर कार्यालय को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिसे ग्रामीण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पहले बरहट के लोगों को जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र सहित अन्य सरकारी कार्यों के लिए लक्ष्मीपुर जाना पड़ता था. काफी संघर्ष के बाद बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बरहट प्रखंड कार्यालय का उद्घाटन किया था. अब इसे दूसरी जगह ले जाने की कोशिश से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. पूर्व मंत्री ने बताया कि इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है. यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जायेगा. साथ ही, मुख्यमंत्री से मिलकर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा.
रोजगार पर पड़ेगा असर
पूर्व मंत्री ने कहा कि बरहट अति पिछड़ा क्षेत्र है. प्रखंड कार्यालय के संचालन से यहां छोटे-मोटे व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिला है. वर्तमान में मलयपुर से बरहट तक दर्जनभर से अधिक टोटो और ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, जिससे कई परिवारों की आजीविका चल रही है. यदि प्रखंड कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया तो स्थानीय रोजगार पर गहरा असर पड़ेगा.
पारंपरिक हथियारों के साथ आदिवासी समुदाय का विरोध
हड़ताल के पहले दिन कड़ुआतरी, धोवनी, कजियाजोर, पचेश्वरी, गरौनी आधी, भालुका, दोवाटिया समेत कई गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के महिला-पुरुष धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. मौके पर कृष्ण हेंब्रम, रमेश तुरी और मनोज कोड़ा ने कहा कि प्रखंड कार्यालय बरहट में रहने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होती है. यदि कार्यालय यहां से हटाया गया तो उन्हें भारी परेशानी होगी. मांगें पूरी नहीं होने पर जिला स्तर पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई.धरना-प्रदर्शन में समाजसेवी बिट्टू यादव, मुखिया कपिल देव प्रसाद, दामोदर पासवान, मुखिया प्रतिनिधि संजय यादव, बलराम यादव, पैक्स अध्यक्ष जगत यादव सहित कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
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