फुलवरिया स्कूल में फिर बवाल,जन्मतिथि वसूली के बाद अब प्रभारी नियुक्ति पर सवाल, हाजिरी में फर्जीवाड़े के आरोप

फुलवरिया स्कूल में फिर बवाल,जन्मतिथि वसूली के बाद अब प्रभारी नियुक्ति पर सवाल, हाजिरी में फर्जीवाड़े के आरोप
बरहट. कटौना पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलवरिया एक बार फिर सुर्खियों में है .जन्मतिथि सुधार के नाम पर अवैध वसूली के आरोप में प्रधानाध्यापक के निलंबन का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब प्रभारी प्रधानाध्यापक की नियुक्ति में कथित गड़बड़ी और सेटिंग ने पूरे स्कुल में हलचल मचा दी है.स्कूल सूत्रों ने बताया की विद्यालय के पूर्व प्रभारी आशुतोष कुमार पर छात्रों की जन्मतिथि सुधार के नाम पर पैसे वसूलने के आरोप लगे थे.जिसके बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया.लेकिन इसके तुरंत बाद जो हुआ उसने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया. विभाग ने स्कूल के जूनियर शिक्षक विकास कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक की कुर्सी सौंप दी और यहीं से विवाद भड़क उठा.
सीनियर दरकिनार, जूनियर पर मेहरबानी
स्कूल के वरिष्ठ और विशिष्ट शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर नजरअंदाज किया गया. उनका कहना है कि विभागीय नियम साफ तौर पर वरिष्ठता और योग्यता को प्राथमिकता देने की बात करते हैं.लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर जूनियर शिक्षक को जिम्मेदारी दे दी गई. इससे शिक्षकों में भारी असंतोष है और विभाग की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
मोटी रकम की चर्चा जोरों पर
मामला सिर्फ नियमों की अनदेखी तक सीमित नहीं है. सूत्रों का दावा है कि इस नियुक्ति के पीछे प्रखंड स्तर के एक जिम्मेदार पदाधिकारी की भूमिका संदिग्ध है. चर्चा है कि मोटी रकम लेकर जूनियर शिक्षक को प्रभारी बनाया गया. हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन स्कूल और इलाके में यह चर्चा तेजी से फैल रही है.जिससे विभाग की छवि पर दाग लग रहा है.
हाजिरी में हेराफेरी का आरोप
नए प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद स्कूल की शैक्षणिक स्थिति भी सवालों के घेरे में है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार स्कूल में बच्चों की वास्तविक संख्या घटती जा रही है. लेकिन रजिस्टर में उपस्थिति डेढ़ सौ से ऊपर दर्ज की जा रही है. अगर यह सच है तो यह न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का भी गंभीर मामला बनता है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु कुमार ने सफाई देते हुए कहा योग्य शिक्षक को ही विद्यालय का प्रभार दिया गया है. हाजिरी में गड़बड़ी की जानकारी नहीं है, यदि शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी.हालांकि जो भी हो लेकिन मामला गंभीर है और आरोप सीधे तौर पर सिस्टम की पारदर्शिता पर चोट कर रहे हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या विभाग निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह कागजों में दबकर रह जाएगा.
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