बरनार नदी में मानक के विरुद्ध बालू उठाव से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने काम कराया बंद

बोले ग्रामीण- गीरे गड्ढों से जान का खतरा, विरोध करने पर एफआइआर की दी जाती है धमकी
खैरा. प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली बरनार नदी में इन दिनों बालू के अवैध और मनमाने उठाव को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बालू खनन में सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही हैं और किसी भी घाट पर बिना मानक अधिक गहराई तक उत्खनन किया जा रहा है. बताया गया कि नदी में 15 से 20 फीट तक गहराई में बालू निकाला जा रहा है. इससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं और यह आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. गुरुवार की सुबह जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली तो वे बड़ी संख्या में घाट पर पहुंचे और विरोध जताते हुए बालू उठाव का काम बंद करवा दिया.
2025 में कई लोगों की बालू खनन से हुए गहरे गड्ढे में डूबकर हुई थी मौत
ग्रामीणों का कहना है कि जीत झिगोई गांव के सामने बरनार नदी में कई स्थानों पर विशाल गड्ढे बन गये हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं. पिछले वर्ष भी झिगोई और कोल्हुआ गांव के कई लोगों की मौत इन गहरे गड्ढों में डूबने से हो चुकी है. इसके बावजूद मानक के विरुद्ध हो रहे उत्खनन पर रोक नहीं लगायी जा रही है. लोगों ने बताया कि यदि नियमानुसार सीमित और सुरक्षित तरीके से बालू उठाव किया जाए, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वर्तमान स्थिति पूरी तरह खतरनाक और नियमों के विपरीत है. इतना ही नहीं, नदी के दक्षिणी छोर पर स्थित मैदान, जहां ग्रामीण और स्कूली बच्चे सुबह-शाम खेलते हैं, वहां भी बालू खनन शुरू कर दिया गया है, इससे बच्चों के खेल का स्थान भी समाप्त होता जा रहा है.
जिला प्रशासन उच्च स्तरीय टीम करे गठित, हो जांच
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय टीम गठित की जाए और अवैध व मानक के विरुद्ध हो रहे बालू खनन पर तत्काल रोक लगाई जाये. उन्होंने कहा कि यदि जांच में गड़बड़ी पायी जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जो लोग इस अवैध कार्य का विरोध करते हैं, उन्हें डराने के लिए एफआईआर की धमकी दी जाती है. इससे लोगों में भय का माहौल बन रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के अनियंत्रित खनन से न केवल नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है.
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