डबल मर्डर से दहशत, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

Updated at : 08 Nov 2019 8:50 AM (IST)
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डबल मर्डर से दहशत, पुलिस कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल

जमुई : बीते बुधवार को जिला में दिन की शुरुआत एक कपड़ा कारोबारी की हत्या के साथ हुई तो वही देर शाम अपराधियों द्वारा सीएसपी संचालक की गोली मारकर हत्या करने के बाद दिन का समापन हुआ. ऐसे में बढ़ते अपराधिक मंसूबों तथा एक ही दिन में हत्या की दो वारदात को अंजाम दिए जाने […]

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जमुई : बीते बुधवार को जिला में दिन की शुरुआत एक कपड़ा कारोबारी की हत्या के साथ हुई तो वही देर शाम अपराधियों द्वारा सीएसपी संचालक की गोली मारकर हत्या करने के बाद दिन का समापन हुआ. ऐसे में बढ़ते अपराधिक मंसूबों तथा एक ही दिन में हत्या की दो वारदात को अंजाम दिए जाने के बाद पूरा जिला खौफजदा है.

लोग दहशत में है और बस एक ही चर्चा करने लगे हैं कि अपराधिक मंसूबा चरम पर हैं, अपराधी लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं, घटना को अंजाम दे रहे हैं, लोगों में डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, पर इन सब मामलों में पुलिस क्या कर रही है. बताते चलें कि अपराधियों ने जिस तरह देर शाम जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर की दूरी पर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया है, ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि आखिर जिले में किस तरह की पुलिसिंग हो रही है.
आखिर अपराधियों की ऐसी वारदातों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा है. गौरतलब है कि इंदपै निवासी मृतक सीएसपी संचालक नितेश सिंह संध्या 8:30 बजे के करीब जमुई से अपना घर लौट रहा था तथा नीमा रंग मोहल्ला के समीप से गुजरने के दौरान ही अपराधियों ने उस पर गोली चला दी तथा उसकी हत्या कर दी और उसका पैसों से भरा बैग लूट लिया.
उल्लेखनीय है कि नीमा रंग मोहल्ला जिला मुख्यालय के काफी करीब है तथा सदर थाना क्षेत्र में ही पड़ता है. साथ ही जिस जगह हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया वह जमुई-खैरा मुख्य मार्ग से महज 20 मीटर की दूरी पर है. ऐसे में मुख्य सड़क पर गश्ती कर रही पुलिस को भी पूरी घटना का अंदाजा हो जाना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हुआ, जो यह दिखाता है कि जिलेभर में खासकर जिला मुख्यालय में बेहतर पुलिसिंग का दावा किया जाता है.
12 लाख रुपये लेकर जा रहा था सीएसपी संचालक नितेश : जमुई. सीएसपी संचालक की हत्या के बाद अपराधियों ने पैसों से भरा उसका जो बैग लूटा है. उसमें करीब 12 लाख रुपए थे इसे लेकर मृतक नितेश सिंह के भाई मुरारी सिंह ने बीते बुधवार को घटना के उपरांत पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान में बताया था कि नितेश करीब 12 से 15 लाख रुपए लेकर घर जा रहा था, जिसे अपराधियों ने लूट लिया. हालांकि पुलिस का कहना है कि छानबीन में जो बातें सामने आई है उसे यह पता चला है कि नितेश सिंह ने बैंक से 4 लाख 90 हजार रूपये निकाले थे. साथ ही एक कारोबारी से 1 लाख तथा एक अन्य कारोबारी से 1 लाख 10 हजार रूपये का कलेक्शन किया था.
इसके अलावा कुछ पैसे पहले से भी उसके पास थे जिसे अपराधियों द्वारा लूटा गया है. इस बाबत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामपुकार सिंह ने बताया कि पहली छानबीन में जो बातें सामने आई हैं तथा सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है तो उसमें यह पता चला है कि वह जब अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहा था तब उसने अपने पीछे एक बैग लटकाया हुआ था. जो घटना के बाद से ही गायब है.
दो मासूम के सिर से उठ गया पिता का साया
जमुई. इंदपै निवासी सीएसपी संचालक नितेश सिंह की शादी कुछ वर्ष पहले जिले के सोनो थाना क्षेत्र के कन्हाईफरका गांव में हुई थी. शादी के बाद उसे दो बेटे हुए तथा दोनों काफी छोटी उम्र के हैं. नितेश सिंह की हत्या के बाद उन दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया है. बच्चों को तो यह भी नहीं पता कि वह कभी अपने पिता का चेहरा भी नहीं देख सकेगा.
वहीं हत्या के बाद मृतक नितेश सिंह की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. अस्पताल परिसर में पूरी रात जब नितेश के शव को अंत्य परीक्षण के लिए ले जाया गया, उस दौरान उसकी पत्नी लगातार बेसुध हो रही थी.
विलाप के दौरान वह बार-बार खाकर गिर रही थी, मृतक की पत्नी को देखकर आसपास के लोग भी व्याकुल हो उठे तथा किसी में इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह उसकी पत्नी को ढांढस बंधाने जाए. इधर गुरुवार दोपहर बाद मृतक सीएसपी संचालक का अंतिम संस्कार किया गया. वहीं घटना के बाद मृतक के घर सहित आस पड़ोस में सन्नाटा छाया हुआ था.
अंतिम फोन पर कहा एटीएम से बैलेंस चेक कर रहा हूं
जमुई. अपराधियों की गोलियों का निशाना बने सीएसपी संचालक नितेश सिंह ने अंतिम बार फोन पर अपने चाचा से बात की थी. दरअसल अन्य दिनों की तरह मृतक नितेश जमुई से अपने घर लौट रहा था. इस दौरान वह महाराजगंज स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर बैठा, वहां उसने चाय पी तथा वह घर के लिए निकला.
शाम 8:15 के करीब मृतक के चाचा ने उसे फोन किया तथा उसके घर आने के बारे में बात की. परिजनों ने बताया कि फोन पर नीतीश ने कहा कि मैं एचडीएफसी बैंक के एटीएम में हूं, तथा अपना बैलेंस चेक कर रहा हूं. जिसके बाद उसने फोन काट दिया. परिजनों ने बताया कि उसके फोन रखने के 15 मिनट बाद हमें यह सूचना मिली कि नितेश का एक्सीडेंट हो गया है, जिसके बाद हम वहां पहुंचे तथा पूरे मामले की जानकारी हुई.
घटना के बाद परिजनों की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. वही दूसरे दिन जिले के खैरा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक सेवा केंद्र में भी ताला लटका रहा तथा जब ग्राहकों को भी इस बात की जानकारी हुई तब वह नितेश के सरल स्वभाव को याद कर गमगीन हो गए.
काफी सरल और हंसमुख मिजाज का था नितेश बताते चलें कि मृतक सीएसपी संचालक नितेश सिंह काफी सरल और हंसमुख स्वभाव का था. लोग बताते हैं कि जब वह अपने सीएसपी में भी होता था तब वह ग्राहकों के साथ काफी हंसी मजाक करता था. उसके आसपास रहने वाले सभी लोग उसके बर्ताव से काफी खुश रहते थे.
और यही कारण है कि उसकी हत्या की खबर सुनकर उन लोगों को यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है. लोगों ने बताया कि वह जब भी किसी से मिलता था वह उसकी मदद जरूर करता था. साथ ही वह अपने आसपास के लोगों को काफी हंसाता रहता था. पर अब नितेश इस दुनिया में नहीं रहा यह सुनकर उसके परिजनों सहित सभी जानने वालों, करीबियों और दोस्तों मैं भी गम का माहौल है.
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