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कुमार कालिका सिंह पर लिखी गयी पुस्तक का हुआ विमोचन

Updated at : 04 Sep 2019 8:01 AM (IST)
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कुमार कालिका सिंह पर लिखी गयी पुस्तक का हुआ विमोचन

जमुई : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानी कुमार कालिका प्रसाद सिंह पर लिखी गयी पुस्तक कुमार कालिका प्रसाद सिंह: एन अनसुंग हीरो ऑफ आवर फ्रीडम स्ट्रगल का दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में विमोचन किया गया. इस पुस्तक की रचना लोकसभा सचिवालय के अपर निदेशक डॉ. रणवीर कुमार ने किया है […]

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जमुई : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानी कुमार कालिका प्रसाद सिंह पर लिखी गयी पुस्तक कुमार कालिका प्रसाद सिंह: एन अनसुंग हीरो ऑफ आवर फ्रीडम स्ट्रगल का दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में विमोचन किया गया. इस पुस्तक की रचना लोकसभा सचिवालय के अपर निदेशक डॉ. रणवीर कुमार ने किया है

. पुस्तक का विमोचन पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह और राज्यसभा के उपसभापति और प्रभात खबर के पूर्व प्रधान संपादक डॉ. हरिवंश, पूर्व सांसद पुतुल कुमारी के द्वारा किया गया. मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई ऐसे नेता हुए जिन्होंने बहुत बेहतर काम किया पर वह इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हो सके.
इस तरह के पुस्तक का विमोचन होने से वे सभी भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जायेंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पुस्तक को हिंदी में भी प्रकाशित किया जाए. राज्यसभा के उपसभापति डॉ हरिवंश ने कहा कि कुमार कालिका सिंह जैसे लोगों का व्यक्तित्व ही ऐसा था कि जब भी हमारा दौर हताशा और निराशा से गुजरेगा तब हमें इनके व्यक्तित्व से ही प्रेरणा मिलेगी.
इस पुस्तक की यही उपयोगिता भी है. उन्होंने पुस्तक की रचना करने को लेकर लोकसभा सचिवालय के अपर निदेशक डॉ रणवीर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तक की रचना को लेकर उन्होंने तप और त्याग की भावना दिखाई है तथा बहुत मेहनत के बाद कुमार कालिका सिंह के बारे में जानकारी एकत्रित कर पुस्तक की रचना की है.
मौके पर उपस्थित पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने भी डॉ. रणवीर कुमार के कार्यकलाप की प्रशंसा करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानी कुमार कालिका प्रसाद सिंह के कृतित्व पर चर्चा की. बताते चलें कि कुमार कालिका प्रसाद सिंह जमुई जिले के गिद्धौर राजवंश से ताल्लुक रखते थे.
सन 1920 में महात्मा गांधी के प्रभाव में आकर वह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े. इसके बाद वह लगातार स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए लंबी लड़ाई लड़ी. इस दौरान वे कई बार जेल भी गए थे. पुस्तक विमोचन के मौके पर वक्ताओं ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष के मौके पर ऐसे स्वतंत्रता सेनानी की कहानी लोगों के सामने लानी चाहिए. मौके पर कई प्रबुद्ध लोग मौजूद थे.
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