जमुई मंडल कारा की सुरक्षा में लगी सेंध, जेल में बंद है कई बड़े अपराधी व नक्सली

Published at :21 Mar 2018 9:08 PM (IST)
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जमुई मंडल कारा की सुरक्षा में लगी सेंध, जेल में बंद है कई बड़े अपराधी व नक्सली

जमुई : बिहारमें जमुई जिला मंडल कारा की बाहरी चहारदीवारी को मंगलवार की रात काट दिया. इसके बाद मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और दीवार का मुआयना किया. जानकारी के अनुसार शहर के बीचों बीच […]

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जमुई : बिहारमें जमुई जिला मंडल कारा की बाहरी चहारदीवारी को मंगलवार की रात काट दिया. इसके बाद मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और दीवार का मुआयना किया. जानकारी के अनुसार शहर के बीचों बीच स्थित जमुई जिला मंडलकारा की बायीं दीवार से सटे विद्यालय की तरफ से दीवार में सेंध लगा दी. हालांकि, इसके पीछे का मकसद क्या था, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है, पर यह कहा जा सकता है कि जेल में बंद बड़े अपराधी या स्थानीय अपराधी को जेल से भगाने की मंशा से ऐसा किया गया है.

बताते चलें कि वर्तमान में जमुई मंडल कारा में नक्सली संगठन से जुड़े कई बड़े नक्सली सहित कई अन्य शातिर विचाराधीन और सजायाफ्ता अपराधी बंद हैं. जेल सुरक्षा की जिम्मेवारी जेल प्रशासन की है, पर जेल की बाहरी दीवार में सेंधमारी किया जाना यह दिखाता है कि किस प्रकार जेल की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. हालांकि यह भी बताते चलें कि जिस दीवार में सेंधमारी की गयी है. वह जेल की बाहरी चहारदीवारी है. पर जेल की सुरक्षा पर यह सावलिया निशान खड़ा करता है.

इस बाबत जेल अधीक्षक सिप्रियन टोप्पो ने बताया कि यह किसी असामाजिक तत्व का काम प्रतीत होता है, जिसने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है. वहीं पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद मैंने घटनास्थल का निरीक्षण किया है. यह सेंधमारी किस उद्देश्य से की गयी है यह कहना अभी मुश्किल है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि इसके पीछे की मंशा क्या थी या इसे किसके द्वारा ऐसा किया गया है. उन्होंने बताया कि जमुई टाउन थाना को मामले की जांच के आदेश दिये गये हैं. जांच के बाद ही कुछ कहना संभव है.

मंडल कारा में बंद हैं कई शातिर अपराधी

जमुई मंडल कारा की चाहरदीवारी में सेंधमारी के बाद जेल की सुरक्षा पर सवालिया निशान उठ खड़ा हुआ है. बताते चलें कि वर्तमान में जमुई मंडल कारा में जिले के कई शातिर अपराधी सहित नक्सली बंद हैं. इसमें जिले का शातिर अपराधी टनटन मिश्रा, नक्सली सुरंग यादव सहित कई अन्य है, जिसे पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया है. ऐसे में जेल की सुरक्षा से खिलवाड़ यह दिखाता है कि जेल में बंद उन कैदियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही हो रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में अगर यह अपराधी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देता है, तब यह कहा जा सकता है कि इसकी पूरी जवाबदेही जिला जेल पुलिस की ही होगी.

जमुई मंडलकारा शहर के बीचों बीच स्थित है. इसके सामने ही सदर अस्पताल है. जहां दिन रात बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है. तो वहीं दूसरी तरफ वह विद्यालय है जिस ओर से दीवार में सेंधमारी की गयी है. ऐसे में सेंधमारी करने वाले का नहीं देखा जाना समझ से परे है. और यह दिखाता है कि कितनी चालाकी और शातिर तरीके से इस घटना को अंजाम दिया गया है. लिहाजा इसके पीछे किसी आपराधिक मंशा से इनकार भी नहीं किया जा सकता.

जेल में बंद टनटन मिश्रा पहले भी दो बार जेल की दीवार में सेंधमारी कर हो चुका है फरार
जिला सहित बिहार-बंगाल-झारखंड जैसे कई अन्य राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द शातिर अपराधी टनटन मिश्रा और जेल में होने वाली सेंधमारी का वर्षों का साथ रहा है. बताते चलें कि टनटन मिश्रा अबतक दो बार जेल की दीवार में सेंधमारी कर फरार भी हो चुका है. इससे टनटन मिश्रा के जमुई मंडल कारा में बंद होने के बाद जेल में सेंधमारी किया जाना अपने आप में बहुत कुछ कहता है. और अब सेंधमारी को लेकर यह कयास लगाया जा रहा है कि हो सकता है जेल से टनटन मिश्रा को भगाने के लिए सेंधमारी की गयी हो.

बताते चलें कि टनटन मिश्रा को 2017 में गिरफ्तार किया गया था तथा इसी वर्ष 20 जनवरी को उसे जमुई मंडल कारा शिफ्ट किया गया है. इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा जेल की सुरक्षा बढ़ा देने की बात भी कही गयी थी. बताते चलें कि टनटन मिश्रा इससे पूर्व भी दो बार जेल से फरार हो चुका है. इसमें अंतिम बार वह बीते वर्ष 04 अगस्त 2017 के पश्चिम बंगाल के बर्द्धमान जेल से फरार हुआ था. इससे पूर्व वह 4 जून 2014 को जमुई के सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान ही पांच शातिर विचाराधीन कैदी के साथ फरार हो गया था. तब से लेकर अपनी गिरफ्तारी तक वह कई राज्य व कई जिलों की पुलिस के आंख में धूल झोंकता रहा. इस दौरान उसने ताबड़तोड़ कई घटनाओं को अंजाम दिया, इसमें अपहरण, फिरौती, लूट व हत्या की घटनाएं शामिल हैं.

हाल ही में जमुई में चिमनी मालिक गोपाल मंडल के अपहरण में उसका नाम आया. जांच में उसकी संलिप्तता भी पायी गयी. टनटन मिश्रा का नाम धनबाद में हुए नीरज सिंह हत्याकांड में भी आया था, जिसमें उसकी गिरफ्तारी हुई थी.

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