बिहार में आइपीएस और बिपुसे कैडर रिव्यू की कवायद शुरू, जोनल आइजी का पद खत्म

हर पांच साल पर होनेवाला कैडर का रिव्यू की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. प्रत्येक पांच वर्ष में इनका कैडर का रिव्यू किया जाता है. इससे पहले 2017 में कैडर रिव्यू हुआ था, जिसके बाद बिहार कैडर में आइपीएस के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 242 हो गयी. रिव्यू में भी पदों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
पटना. राज्य में बिहार पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2022 विधानमंडल से पारित होने के बाद इसके लागू होते ही कई स्तर पर बड़े पुलिस महकमा में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसमें सभी जोन की व्यवस्था समाप्त कर सभी जिलों को 12 रेंज में विभाजित कर दिया गया है. इससे सिर्फ चार बड़े रेंज में आइजी और शेष आठ रेंज में डीआइजी के पद बचे हैं. इससे जोनल आइजी के पद समाप्त हो गये हैं और आइजी रैंक के अधिकारियों की फील्ड में तैनाती कम हो गयी है.
इधर, हर पांच साल पर होनेवाला कैडर का रिव्यू की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. प्रत्येक पांच वर्ष में इनका कैडर का रिव्यू किया जाता है. इससे पहले 2017 में कैडर रिव्यू हुआ था, जिसके बाद बिहार कैडर में आइपीएस के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 242 हो गयी. इस बार के रिव्यू में भी पदों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
कितने पद बढ़ेंगे और कौन-कौन से पद घटेंगे या बढ़ेंगे, इसे लेकर मुख्यालय स्तर पर मंथन शुरू हो गयी है. इससे संबंधित प्रस्ताव केंद्र को भेजा जायेगा. वहां विचार-विमर्श होने के बाद ही इसे अंतिम रूप से सहमति मिलेगी. इसमें एक से डेढ़ महीने का समय लगने की संभावना है. परंतु इस बार के रिव्यू में यह तय है कि आइजी रैंक के कुछ पद कम होंगे, क्योंकि रेंज की व्यवस्था समाप्त होने के बाद आइजी रैंक के पदों की संख्या कम हो गयी है.
इससे इनके पदों को कम करके डीआइजी और एसपी रैंक के पद बढ़ाये जा सकते हैं. डीजी और एडीजी रैंक के पद भी बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार प्रयासरत है. इस बार बिहार पुलिस सेवा (बिपुसे) के पदाधिकारियों का भी कैडर रिव्यू किया जा रहा है. इनकी संख्या भी बढ़ने की संभावना है. उम्मीद की जा रही है सरकार के इस फैसले से कामकाज में और तेजी आयेगी और सुशासन कायम होगा.
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