हाजीपुर में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रमुख और BDO में ठनी, नियमों के उल्लंघन करने का आरोप

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हाजीपुर में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रमुख और BDO में ठनी, नियमों के उल्लंघन करने  का आरोप

Hajipur News: वैशाली के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में एक ही कार्यकाल में दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है. प्रमुख मुन्नी देवी ने बीडीओ पर बिहार पंचायत राज अधिनियम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

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Hajipur News: (विनय पटेल) वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड में प्रखंड प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. एक ही कार्यकाल में दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष बैठक बुलाए जाने से विवाद गहरा गया है. प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी ने इसे बिहार पंचायत राज अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.

पहले भी आ चुका है अविश्वास प्रस्ताव


जानकारी के अनुसार, वर्तमान कार्यकाल में वर्ष 2024 में प्रखंड प्रमुख के खिलाफ एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका था. उस समय मत विभाजन के बाद प्रस्ताव खारिज हो गया था. इसके बाद दिसंबर 2025 में विरोधी खेमे द्वारा पुनः अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन दिया गया था, जिसे तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि एक कार्यकाल में केवल एक बार ही अविश्वास प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है.इसके बावजूद विरोधी खेमे ने 18 मई 2026 को फिर से अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन दिया. आवेदन पर कार्रवाई करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अभिषेक कुमार ने 15 जून 2026 को विशेष बैठक बुलाने का नोटिस जारी कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ लिया है.

क्या कहता है कानून

कानून विशेषज्ञों के अनुसार बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44(3) के संशोधित अधिनियम2015 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रमुख, उपप्रमुख,उप मुखिया, जिला परिषद अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष के विरुद्ध पूरे पांच वर्षीय कार्यकाल में केवल एक बार ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.इसके साथ ही कार्यकाल के अंतिम छह माह में भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की अनुमति नहीं है.

विशेषज्ञ ने उठाए सवाल

हाजीपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता कुमार हरि भूषण ने कहा कि पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा बुलाई गई विशेष बैठक प्रथम दृष्टया बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 44(3) के विपरीत प्रतीत होती है. उनका कहना है कि जब पंचायत समिति के कार्यकाल में केवल छह माह शेष रह गए हैं, तब अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार ही नहीं किया जा सकता.ऐसी स्थिति में बैठक को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए.

प्रमुख का पक्ष

प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी ने बताया कि उन्होंने पत्र के माध्यम से बीडीओ को वरीय पदाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का सुझाव दिया था.उनका आरोप है कि उनके पत्र की अनदेखी करते हुए विशेष बैठक की तिथि निर्धारित कर दी गई.इस मामले को जिला पदाधिकारी वैशाली एवं पंचायती राज विभाग से शिकायत करने की तैयारी है.जरूरत पड़ने पर बैठक पर रोक लगाने के लिए उच्च न्यायालय की शरण में भी जाएंगे. वहीं,इस संबंध में प्रभारी बीडीओ अभिषेक कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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