घायल BDO के समर्थन में उतरा ग्रामीण विकास सेवा संघ, हाजीपुर में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, रखी ये बड़ी मांगें

काला पट्टी बांधकर ऑफिस में बैठे अधिकारी
Hajipur BDO Union Demand : छपरा में विधि व्यवस्था ड्यूटी के दौरान दो BDOs के गंभीर रूप से घायल होने के बाद ग्रामीण विकास सेवा संघ ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. हाजीपुर में BDOs ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों को उठाया है.
Hajipur BDO Union Demand : छपरा में विधि व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के गंभीर रूप से घायल होने की घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भारी रोष व्याप्त है. इसी कड़ी में ग्रामीण विकास सेवा संघ की ओर से घायल अधिकारियों के बेहतर इलाज, सुरक्षा प्रबंधों और विभिन्न मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं.
छपरा में दो बीडीओ हुए थे गंभीर रूप से घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छपरा सदर के बीडीओ दृष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार विधि व्यवस्था संधारण के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. दृष्टि पाठक के एक आंख की रोशनी जाने की बात सामने आई है, वहीं रितेश कुमार के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मेदांता अस्पताल, पटना में उनकी सर्जरी की गई है और वे जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं.
बिना सुरक्षात्मक उपकरण के भेजे जाने का आरोप
संघ का कहना है कि 25 जुलाई 2026 को सारण के जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त के मौखिक व दूरभाषीय आदेश पर इन अधिकारियों को बिना किसी आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के एक अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण स्थल पर तैनात कर दिया गया था, जिसके कारण यह दर्दनाक स्थिति उत्पन्न हुई.
ग्रामीण विकास सेवा संघ की प्रमुख मांगें
इस पूरी घटना के बाद ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं.
- सुरक्षात्मक उपकरण: राज्य के प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बीडीओ के लिए बॉडी प्रोटेक्टर, रियट हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड और आर्म गार्ड जैसे आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं.
- सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति: प्रत्येक बीडीओ के साथ स्थायी रूप से कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं, जो क्षेत्र भ्रमण और जनसुनवाई के दौरान भी साथ रहें.
- सरकारी खर्च पर इलाज: ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले अधिकारियों के सर्वोत्तम उपचार का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करे.
- विशेष क्षतिपूर्ति और बीमा: घायल या दिवंगत होने की स्थिति में अधिकारियों के लिए विशेष क्षतिपूर्ति और बीमा सुरक्षा की नीति बनाई जाए.
- मानक कार्यप्रणाली (SOP): संवेदनशील प्रतिनियुक्ति से पूर्व पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट एसओपी तय हो.
- जिम्मेदारी तय हो: सारण में स्थिति को ठीक से प्रबंधित न करने के कारण डीएम और डीडीसी पर जिम्मेदारी तय की जाए.
काली पट्टी बांधकर विरोध और कार्य बहिष्कार की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार घायल अधिकारियों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक सहयोग और सुरक्षा संबंधी ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक बिहार के सभी बीडीओ अपने नियमित कार्यों के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे. साथ ही, स्थिति सामान्य होने तक बीडीओ को विधि व्यवस्था के कार्यों से अलग रखने और संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाने की अपील की गई है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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