रेवतिथ के संत लाली बाबा का निधन, क्षेत्र ने खोया आध्यात्मिक मार्गदर्शक

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रेवतिथ के संत लाली बाबा का निधन, क्षेत्र ने खोया आध्यात्मिक मार्गदर्शक

बैकुंठपुर. स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम रेवतिथ में प्रसिद्ध संत लाली बाबा का निधन हो गया. उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी.

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बैकुंठपुर. स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम रेवतिथ में प्रसिद्ध संत लाली बाबा का निधन हो गया. उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. बताया जाता है कि 1980 के दशक में रेवतिथ गांव में आगमन के बाद लाली बाबा ने गांव के धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन को नयी दिशा दी. वे न केवल रेवतिथ, बल्कि आसपास के गांवों में भी एक प्रतिष्ठित संत के रूप में विख्यात थे. लाली बाबा ने बनकट्टी, परसौनी, सिरसा मानपुर, चांदपुर, सिसई, चमनपुरा, खैरा आजम सहित कई गांवों में अष्टयाम, महायज्ञ, अनुष्ठान, शिवयाम जैसे अनेक धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन कराया. गांव का शायद ही कोई देवी-देवता स्थल ऐसा रहा हो, जहां उनकी उपस्थिति न रही हो. अनेक महायज्ञों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे वे पूरे इलाके में श्रद्धा और सम्मान के पात्र बने. उनके देहावसान की खबर फैलते ही काली स्थान मंदिर के समीप स्थित उनके निवास पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं व हर वर्ग के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. रेवतिथ सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. ग्रामवासियों ने कहा कि लाली बाबा के निधन से गांव के धार्मिक युग का अंत हो गया. उनका अंतिम संस्कार साधु परंपरा के अनुसार नारायणी नदी के तट डुमरिया में किया गया.

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Awedhesh Kumar Raja

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