गोपालगंज के अनिमेश आनंद बने पर्यावरण की मिसाल, बिना सरकारी मदद लगाए 500 से अधिक पौधे

Author Rakesh gupta|Edited by Vivek Ranjan
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गोपालगंज: युवा ने बदली पर्यावरण की तस्वीर, 500+ पौधे लगाए.

गोपालगंज के अनिमेश आनंद ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है. उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के 500 से अधिक फलदार, छायादार और पर्यावरण संरक्षण वाले पौधे लगाकर क्षेत्र को हरा-भरा बनाया है. उनकी यह पहल युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी है.

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Gopalganj News: बढ़ते तापमान, भीषण लू और पर्यावरण संकट के बीच गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड के माड़ीपुर गांव निवासी अनिमेश आनंद ने पर्यावरण संरक्षण की ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. बिना किसी सरकारी सहायता या आर्थिक सहयोग के उन्होंने अब तक करीब 500 फलदार, छायादार और पर्यावरण संरक्षण वाले पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का अभियान चलाया है.

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक और दिल्ली से फ्रेंच भाषा में स्नातकोत्तर कर चुके अनिमेश आनंद ने छात्र जीवन के दौरान अपनी पॉकेट मनी बचाकर पौधे खरीदने की शुरुआत की. छुट्टियों में गांव लौटने पर उन्होंने पौधरोपण अभियान शुरू किया, जो आज एक जनभागीदारी अभियान का रूप ले चुका है.

आम, जामुन, कटहल, नीम और पीपल जैसे पौधे लगाए

अनिमेश आनंद ने माड़ीपुर और आसपास के क्षेत्रों में आम, जामुन, कटहल, लीची, नीम, पीपल और बरगद जैसे पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया है. उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ वातावरण तैयार करना है.

सरकारी मदद नहीं, जनभागीदारी पर भरोसा

अनिमेश का कहना है कि इस अभियान के लिए उन्होंने न तो किसी सरकारी योजना से सहायता ली और न ही किसी संस्था से आर्थिक सहयोग प्राप्त किया. उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है. बचपन में गांव की हरियाली और पेड़ों की छांव से मिले लगाव ने उन्हें इस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया. आज भी वह अपनी आय का एक हिस्सा पौधरोपण और उनके संरक्षण पर खर्च करते हैं.

पौधों की सुरक्षा के लिए बनाई युवाओं की टीम

अनिमेश का मानना है कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण है. इसी सोच के साथ उन्होंने राकेश कुमार सिंह 'छोटे' और हिमांशु आर्यन सहित स्थानीय युवाओं की एक टीम बनाई है.

निजी भूमि पर लगाए गए पौधों की देखभाल संबंधित भू-स्वामी करते हैं, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और ट्री-गार्ड की व्यवस्था टीम स्वयं करती है.

युवाओं के लिए बने प्रेरणा

अनिमेश आनंद का कहना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखे, तो ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संकट जैसी चुनौतियों से काफी हद तक निपटा जा सकता है. उनकी यह पहल अब गोपालगंज ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है.

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