स्कूलों के शिक्षकों की HRMS आईडी जुटाने का आदेश, नई डिजिटल व्यवस्था से जुड़ेंगे सभी विद्यालय

Published by : Vivek Pandey Updated At : 09 Jun 2026 10:01 AM

विज्ञापन

Gopalganj News: गोपालगंज में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग सक्रिय, CFMS पोर्टल पर होगा विद्यालयों का पंजीकरण

विज्ञापन

Gopalganj News: (विकास दुबे) गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा विभाग की नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है. केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संचालन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अब सभी विद्यालयों को सीएफएमएस (कॉमन फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल से जोड़ा जाएगा. इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए जिले के सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की एचआरएमएस (HRMS) आईडी का डाटा जुटाने का निर्देश दिया गया है.

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार के निर्देश के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने स्थापना डीपीओ मुकेश कुमार को जिले के सभी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का अद्यतन एचआरएमएस विवरण उपलब्ध कराने को कहा है. विभागीय स्तर पर इसे प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल किया गया है.

विद्यालयों के पंजीकरण की चल रही प्रक्रिया

शिक्षा विभाग के अनुसार केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन अब एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए सीएफएमएस पोर्टल पर विद्यालयों के पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है.

पंजीकरण पूरा होने के बाद प्रत्येक विद्यालय में वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की डिजिटल पहचान तय की जाएगी. इसी व्यवस्था के तहत विद्यालयों में मेकर, चेकर और अप्रूवर की भूमिका निभाने के लिए वरीय शिक्षक अथवा प्रधानाध्यापक को नामित किया जाएगा.

इन पदों पर टैग किए जाने के लिए संबंधित शिक्षक की एचआरएमएस आईडी होना अनिवार्य है. यही कारण है कि विभाग ने सभी जिलों से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों का अद्यतन डाटा उपलब्ध कराने को कहा है.

डीपीओ स्थापना को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी

डीईओ ने स्थापना डीपीओ को निर्देश दिया है कि जिले के सभी विद्यालयों से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की एचआरएमएस आईडी का विवरण एकत्र कर शीघ्र उपलब्ध कराया जाए. इसके बाद यह डाटा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) को भेजा जाएगा, ताकि विद्यालयों के पंजीकरण के बाद संबंधित शिक्षकों को डिजिटल प्रणाली में जोड़ा जा सके.

अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी शिक्षक या प्रधानाध्यापक की एचआरएमएस आईडी से संबंधित जानकारी अधूरी है, तो उसे भी जल्द अपडेट कराया जाएगा. इसके लिए विद्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर तक आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

नई व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता

शिक्षा विभाग का मानना है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालयों में योजनाओं से संबंधित राशि के उपयोग, स्वीकृति और निगरानी की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी. सभी कार्य ऑनलाइन होने से जवाबदेही बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब की संभावना भी कम होगी.

समयबद्ध तरीके से पूरी होगी प्रक्रिया

विभागीय अधिकारियों के अनुसार विद्यालयों का पंजीकरण, शिक्षकों की टैगिंग और डिजिटल वित्तीय प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे केंद्र प्रायोजित योजनाओं का संचालन नई व्यवस्था के तहत सुचारु और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा.

Also Read : हाजीपुर में विवाहिता की हत्या के 4 दिन बाद अधजला शव बरामद, परिजनों ने पुलिस पर लगाए लापरवाही के आरोप

विज्ञापन
Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन