Gopalganj News : भगवान परशुराम को आत्मसात करें ब्राह्मण, शस्त्र व शास्त्र का ज्ञान जरूरी : रविशंकर जी महाराज
Published by : GURUDUTT NATH Updated At : 30 Apr 2025 10:11 PM
Gopalganj News : गोपालगंज. आंबेडकर भवन में आयोजित भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम की शुरुआत वेद विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन के साथ की.
गोपालगंज. आंबेडकर भवन में आयोजित भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम की शुरुआत वेद विद्यार्थियों ने स्वस्तिवाचन के साथ की. उसके बाद शंखनाद, मृदंग व डमरू की गूंज के साथ आगाज हुआ. इसके बाद सोमेश्वर नाथ मंदिर अरेराज के महंत व जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर रविशंकर गिरि जी महाराज, काशी से आये कथावाचक डॉ पुण्डरीक जी महाराज, रामजानकी मठ भड़कुइया के महंत रितेश दास जी महाराज, थावे मंदिर के मुख्य पुजारी पं संजय पांडेय, बैकुंठपुर के पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश महामंत्री मिथिलेश तिवारी, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन मुकेश पांडेय, पूर्व विधान पार्षद आदित्य नारायण पांडेय, भाजपा नेता शिवकुमार उपाध्याय, रवि प्रकाश मणि त्रिपाठी, राजू चौबे, सुधांशु मिश्र एवं संतों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की. इसके बाद सभी मुख्य अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की.
क्रोध और क्षमा की प्रतिमूर्ति हैं परशुराम
मुख्य अतिथि अरेराज के महंत व जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर रविशंकर गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम को ब्राह्मण आत्मसात करें. वे क्रोध व क्षमा की प्रतिमूर्ति हैं. भगवान परशुराम शस्त्र व शास्त्र दोनों में कौशल होने का ज्ञान देते हैं. आज जरूरत है कि हम शास्त्र के साथ शस्त्र में पारंगत बने. शस्त्र के बिना शास्त्र का ज्ञान अधूरा है. काशी से डॉ पुण्डरीक जी महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम आवेशावतार हैं. भागवत पुराण के अनुसार 24 वे में 16वें अवतार है. जबकि वैष्णव पुराण में 10वें अवतार में छठे अवतार में भगवान परशुराम है. उन्होंने वेद की मर्यादा को स्थापित करने के लिए व दुष्टों का संहार करने के लिए शस्त्र धारण किया. ब्राह्मण भारत की संस्कृति है. ब्राह्मण समाज को संदेश देता है. ब्राह्मण जन्मजात सभी वर्णों का गुरु रहा है. ब्राह्मण कोई जाति नहीं एक वर्ण है. भगवान ने सभी वर्णों में जन्म लिया. कभी नरसिंह, कभी वामन कभी कश्च्छप तो कभी परशुराम बने. भगवान परशुराम ने समाज को ज्ञान दिया कि जब शास्त्र से समाज नहीं चलता तो शस्त्र उठाना पड़ता.
एक साथ आये सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष
इस अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ से राजेंद्र पांडेय, विप्र महा फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष विपिन बिहारी दूबे, ब्राह्मण जन कल्याण मंच के शंभु दुबे और परशुराम जयंती आयोजन समिति से विजय तिवारी एक साथ आये और जिले में अलग-अलग कार्य कर रहे संगठनों को एक साथ जोड़ने का निर्णय लिया. इतना ही नहीं, एक ही साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष संदीप गिरि, लोजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु मिश्र, जन सुराज के जिलाध्यक्ष राधा रमण मिश्र, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग और राजद के जिला उपाध्यक्ष पिंटू पांडेय एक साथ मंच पर आये और आयोजन समिति के सदस्यों ने उनका एक साथ सम्मान किया. मौके पर कटेया के प्रमुख पति आनंद मिश्र, अनूज तिवारी संवेदक, जितेंद्र पांडेय, राजेश तिवारी, कुमार गिरि, विकास तिवारी आदि शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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