सिस्टम में ब्लॉक थी बस, फिर भी बिहार-दिल्ली रूट पर चलती रही दुष्कर्म कांड वाली गाड़ी

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 14 May 2026 3:19 PM

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परिवहन कार्यालय गोपालगंज

Bihar: दिल्ली के रानी बाग गैंगरेप केस में इस्तेमाल बस का कनेक्शन बिहार के गोपालगंज से जुड़ने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. बस पर भारी जुर्माना और परमिट गड़बड़ी पहले से दर्ज थी, फिर भी उसका संचालन जारी रहा. अब परिवहन विभाग की लापरवाही और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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Bihar, संजय कुमार अभय, गोपालगंज: दिल्ली के रानी बाग इलाके में चलती बस में हुई सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात के बाद अब इस मामले का कनेक्शन बिहार के गोपालगंज से जुड़ गया है. जिस बस का इस्तेमाल इस अपराध में हुआ, वह गोपालगंज नंबर से रजिस्टर्ड बताई गई है. जांच में सामने आया है कि बस साईं दृष्टि प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज थी और इस पर पहले से भारी जुर्माना बकाया था. घटना के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

यात्री बस को टूरिस्ट बस के रूप में चलाने का आरोप

शुरुआती जांच में पता चला है कि बस का उपयोग यात्री परिवहन के लिए किया जा रहा था, लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन टूरिस्ट परमिट के तहत कराया गया था. नियमों के उल्लंघन, परमिट गड़बड़ी, इंश्योरेंस और ओवरलोडिंग समेत कई मामलों में बस पर करीब 1.37 लाख रुपये का जुर्माना पहले से बकाया था. जुर्माना नहीं भरने पर विभाग ने बस को डिजिटल रूप से इंपाउंड भी किया था, लेकिन इसके बावजूद बस का संचालन जारी रहा.

गोपालगंज से दिल्ली तक रोज चलती रही बस

बताया जा रहा है कि बस का मालिक गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है और यह बस मुजफ्फरपुर से दिल्ली रूट पर लगातार चलाई जा रही थी. बलथरी चेकपोस्ट से रोज गुजरने के बावजूद विभागीय स्तर पर बकाया वसूली या सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी. अब घटना सामने आने के बाद अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.

वारदात की रात क्या हुआ

दिल्ली पुलिस के अनुसार घटना 11 और 12 मई की रात की है. पीड़िता फैक्ट्री से काम खत्म कर घर लौट रही थी, तभी उसे जबरन बस में खींच लिया गया. आरोप है कि बस चालक और कंडक्टर ने करीब दो घंटे तक चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी यूपी के रहने वाले बताए जा रहे हैं.

विभागीय सिस्टम पर उठे सवाल

डीटीओ ने माना कि बस पर बकाया जुर्माना था और उसे डिजिटल इंपाउंड किया गया था. इसका मतलब था कि दस्तावेज ऑनलाइन सिस्टम में ब्लॉक थे, लेकिन जमीनी स्तर पर बस का संचालन पूरी तरह बंद नहीं हुआ. यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि डिजिटल कार्रवाई के बावजूद बस सड़क पर कैसे दौड़ती रही.

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बिहार से दूसरे राज्यों तक बस नेटवर्क पर भी चर्चा तेज

जानकारों का कहना है कि बिहार से दिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए रोज बड़ी संख्या में बसें चलती हैं. इनमें कई बसें टूरिस्ट परमिट पर यात्री सेवा देती हैं. ऐसे में इस घटना ने पूरे सिस्टम की निगरानी और जांच व्यवस्था पर नई बहस खड़ी कर दी है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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