हाइकोर्ट ने कहा, आइओ ट्रायल कोर्ट में आकर गवाही दें, नहीं तो एसपी स्थिति बताएं

हत्या के केस में फुलवरिया थाने के आइओ के द्वारा चार वर्ष में साक्ष्य कोर्ट में नहीं देने के कारण केस का ट्रायल प्रभावित हो रहा
गोपालगंज. हत्या के केस में फुलवरिया थाने के आइओ के द्वारा चार वर्ष में साक्ष्य कोर्ट में नहीं देने के कारण केस का ट्रायल प्रभावित हो रहा. आरोपित जेल में बंद है. इस मामले में सुनवाई करते हुए पटना हाइकोर्ट के जस्टिस संदीप कुमार के पीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपालगंज के एसपी को आदेश दिया कि एक माह के भीतर कांड के आइओ ट्रायल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत हों. यदि पुलिस अधीक्षक आइओ को प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं तो एक महीने के भीतर मामले में उन्हें न्यायालय की सहायता के लिए वस्तुतः उपस्थित हों. हाइकोर्ट में अधिवक्ता व्यास कुमार मिश्र ने बताया कि इस कांड का अभियुक्त राहुल कुमार 20 अगस्त 2020 से जेल में बंद है. हाइकोर्ट में इससे पहले याचिकाकर्ता की जमानत की प्रार्थना 21 जून 2023 को सीआरपीसी में खारिज कर दी गयी थी. इस कांड का ट्रायल एडीजे-10 के कोर्ट में चल रहा है. कांड के आइओ के उपस्थित नहीं होने के कारण मामला पिछले दो वर्षों से उनकी गवाही के लिए लंबित है. आइओ के विरुद्ध कोर्ट जारी कर चुका है गैरजमानती वारंट एडीजे 10 मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट ने 25 जुलाई को कांड के आइओ उमेश प्रसाद यादव के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी किया था. कोर्ट को अपर लोक अभियोजक जयराम साह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि फुलवरिया थाना कांड 182/2020 हत्या का कांड दर्ज है. कांड के आइओ उमेश प्रसाद यादव का साक्ष्य बाकी है. उच्च न्यायालय पटना शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दे चुका है. इस कांड में आरोप गठन आठ अक्तूबर 21 को हो चुका है. तब से यह साक्ष्य के लिए चला आ रहा है. ट्रायल आइओ के साक्ष्य के अभाव में प्रभावित है. केला का फल काटने से मना करने पर हुई थी हत्या फुलवरिया थाना के मिश्र पेनुला गांव में स्व धर्म साह के परिवार के लोगों के द्वारा श्रीकांत मिश्र के खेत में केले की फसल लगायी थी. छह अगस्त 2020 को दिन के दो बजे शंकर वर्मा के पुत्र रोहित कुमार व राहुल कुमार ने केले की फसल काट ली. इसका विरोध स्व धर्म साह की 17 वर्षीया बेटी रागिनी कुमारी ने विरोध किया, तो उसके साथ गाली-गलौज करने लगे. इसी दौरान दोनों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर स्थिति में परिजन उसे अस्पताल ले गये, जहां से रेफर कर दिया. गोरखपुर से भी रेफर कर दिया. बाद में लखनऊ ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गयी. उसके भाई मुन्ना साह के बयान पर कांड दर्ज हुआ था. पुलिस ने 20 अगस्त को राहुल को गिरफ्तार किया था.
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