कटेया में यूरिया खाद की कालाबाजारी चरम पर, किसान बेहाल

कटेया. प्रखंड में इन दिनों यूरिया की कालाबाजारी अपने चरम पर पहुंच गयी है.
कटेया. प्रखंड में इन दिनों यूरिया की कालाबाजारी अपने चरम पर पहुंच गयी है. रबी फसलों की खेती के महत्वपूर्ण दौर में यूरिया की भारी मांग के बीच दुकानदारों द्वारा मनमानी कीमत वसूले जाने से किसान परेशान और आक्रोशित नजर आ रहे हैं. सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी की दर के बजाय बाजार में 400 से 450 रुपये प्रति बोरी तक यूरिया बेची जा रही है. किसानों का कहना है कि कटेया बाजार सहित आसपास के अन्य बाजारों में यूरिया की उपलब्धता होने के बावजूद दुकानदार कृत्रिम अभाव दिखाकर अधिक कीमत वसूल रहे हैं. दुकानों के सामने यूरिया के बोरे रखे रहने के बाद भी जब किसान सरकारी दर पर खाद की मांग करते हैं, तो दुकानदार साफ शब्दों में यूरिया उपलब्ध नहीं होने की बात कह देते हैं. मजबूरी में किसानों को अधिक कीमत चुकाकर खाद खरीदनी पड़ रही है. पडरिया पंचायत के मलपुरा गांव निवासी मैनेजर शर्मा और उत्तम भगत तथा जैसवली गांव निवासी ऋषि चौबे और प्रदीप प्रजापति ने आरोप लगाया कि कटेया बाजार में खुलेआम कालाबाजारी हो रही है, लेकिन इस पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं है. किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण दुकानदार बेखौफ होकर मनमानी कर रहे हैं. किसानों ने बताया कि जब कटेया बाजार में उचित दर पर यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो उन्हें उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों का रुख करना पड़ रहा है. उत्तम भगत ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के बनकटा बाजार से 370 रुपये प्रति बोरी की दर से यूरिया खरीद रहे हैं. वहीं मैनेजर शर्मा ने बताया कि कटेया बाजार के मीठा मंडी स्थित एक दुकान से उन्हें 400 रुपये प्रति बोरी यूरिया लेनी पड़ी. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही यूरिया की कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी और सरकारी दर पर खाद उपलब्ध नहीं करायी गयी, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
मामले की गंभीरता से होगी जांच : बीएओ
इस तरह की शिकायत अभी तक उनके पास नहीं आयी है. मामले की गंभीरता से जांच की जायेगी. यदि कालाबाजारी का मामला सामने आता है, तो संबंधित दुकानदारों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी. सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये 50 पैसे प्रति बोरी की दर पर ही किसानों को यूरिया उपलब्ध करायी जानी है और उसी दर पर खाद वितरण सुनिश्चित किया जायेगा.
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