Bihar Bulldozer Action: गोपालगंज में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का रुख अब और सख्त होता नजर आ रहा है. शहरी क्षेत्रों और चौक-चौराहों पर लगातार कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में भी अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. गांव में भी कई जगहों पर लोग सरकारी जमीनों को अपनी निजी संपत्ति समझ बैठे हैं.
प्रशासन का कहना है कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. अब गांवों में भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर चलेगा.
क्या बोले सीओ
पंचदेवरी के सीओ तरुण कुमार रंजन ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर प्रखंड मुख्यालय के नजदीक पांच गांवों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार की जा रही है. इसके लिए सभी संबंधित राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी जमीनों की जांच कर अतिक्रमणकारियों की रिपोर्ट तैयार करें.
रिपोर्ट में जमीन का रकबा, खाता व खेसरा, जमीन का प्रकार तथा किसके द्वारा कब्जा किया गया है, इसका स्पष्ट लिखा होना चाहिए. सीओ ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया जायेगा. निर्धारित समय सीमा के अंदर यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जायेगा.
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जमाबंदी की भी शुरू कर दी गयी है जांच
सीओ तरुण कुमार रंजन ने बताया कि यदि किसी ने फर्जी जमाबंदी करायी है, तो उसे भी रद्द की जायेगी. इन पांच गांवों के साथ ही प्रखंड क्षेत्र के अन्य गांवों में भी अतिक्रमण की सूचना मिलने पर जांच के बाद बुलडोजर चलेगा. प्रशासन की इस पहल से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
आम लोगों में इस कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा भी है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिये जाने के कारण सार्वजिनक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है. यदि अतिक्रमण हटाया जाता है, तो इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी.
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होगी कार्रवाई
पंचदेवरी के सीओ ने यह भी अपील की है कि जिन लोगों ने अनजाने में या मजबूरी में सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, ताकि उन्हें किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े. नोटिस दिये जाने के बाद भी खुद से अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तय है.
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