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gopalganj news. बरगछिया रेलवे अंडरपास दिनभर पंपिंग के बाद भी रात में तालाब में हो जाता है तब्दील

Updated at : 29 Nov 2025 8:43 PM (IST)
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gopalganj news. बरगछिया रेलवे अंडरपास दिनभर पंपिंग के बाद भी रात में तालाब में हो जाता है तब्दील

जलजमाव से लोग परेशान, अंडरपास के बदले रोड ओवर ब्रिज बनाने की मांग

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उचकागांव. कुचायकोट-मैरवा मुख्य सड़क पर बरगछिया गांव के समीप हथुआ-भटनी रेलखंड के अंतर्गत बनाया गया रेलवे अंडरपास स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है. स्थिति यह है कि अंडरपास दिन भर पंपसेट से पानी निकालने के बाद कुछ घंटे जरूर सूखा रहता है, लेकिन जैसे ही शाम होती है और पंप ऑपरेटर वापस चला जाता है, रात भर जलजमाव लगातार बढ़ता रहता है. सुबह तक अंडरपास फिर से तालाब का रूप ले लेता है. लोगों में इस समस्या को लेकर भारी नाराजगी है और अंडरपास के निर्माण पर ही सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास का स्ट्रक्चर पूरी तरह आरसीसी होने के बावजूद निर्माण मानकों की खामी या जलनिकासी व्यवस्था के अभाव के कारण जलजमाव पिछले कई महीनों से बना हुआ है. बरसात खत्म हुए काफी समय बीत चुका है, फिर भी अंडरपास में घुटने तक पानी भरा रहने से आमजन की परेशानी कम नहीं हो पाई है. खासकर रात के समय छोटी वाहनों, बाइक सवारों और स्कूली बच्चों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. कई बार बाइक सवार गड्ढे या फिसलन के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं.

कई प्रखंडों को जोड़ता है अंडरपास

यह सड़क नारायणी नदी के अहिरौली घाट से सरयू नदी के दरौली घाट को जोड़ती है. उचकागांव, हथुआ, कुचायकोट, मैरवा और दरौली प्रखंडों के हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही इसी मार्ग से होती है. ऐसे में इस महत्वपूर्ण मार्ग पर अंडरपास बनाना लोगों को अब भारी परेशानी का कारण लगने लगा है. कई स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस स्थान पर रेलवे अंडरपास बनाया गया, वहां रोड ओवरब्रिज अधिक उपयुक्त होता, क्योंकि सड़क की लंबाई लगभग 50 किलोमीटर है और भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन यदि जल्द कार्रवाई नहीं करता, तो यह अंडरपास आने वाले महीनों में और अधिक जर्जर हो जाएगा और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जायेगा. अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन समस्या की गंभीरता को देखते हुए स्थायी समाधान की दिशा में पहल करेगा.

क्या कहते हैं लोग

इतने लंबे और महत्वपूर्ण मार्ग पर अंडरपास बनवाना गलत फैसला साबित हो रहा है. रात के समय इसमें घुसना जानलेवा हो जाता है. पानी के कारण सड़क दिखती तक नहीं. अगर यहां आरओबी बनाया गया होता, तो लोगों को ये सब परेशानी नहीं होती. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पुनः विचार कर ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए.

प्रतीक कुमार पाठक,

राहगीर

जबसे अंडरपास बना है तबसे जल जमाव आम समस्या है. दिन में पंपसेट से पानी निकाल दिया जाता है, लेकिन रात तक फिर से पानी घुटने तक भर जाता है. बरसात खत्म होने के महीनों बाद भी स्थिति जस की तस है. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस जगह अंडरपास के बजाय ओवरब्रिज के निर्माण के लिए पहल करनी ही चाहिए.

ऋषभ पांडेय,

स्थानीय निवासीपानी भरे रहने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे, खासकर साइकिल और बाइक सवार बहुत परेशान हैं. कई बार बाइक फिसलकर गिर जाते हैं और लोग घायल हो जाते हैं. यह स्थिति हर रात की है. दिन में थोड़ा राहत मिलती है, लेकिन शाम होते ही पूरा अंडरपास फिर तालाब बन जाता है.

गुड्डू यादव,

स्थानीय निवासी

इतनी लंबी और मुख्य सड़क पर अंडरपास बनाना समझ से परे है. जल-जमाव से हर दिन आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है. घुटने तक पानी भर जाने से वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है. यहां तुरंत रोड ओवर ब्रिज निर्माण की दिशा में योजना बननी चाहिए, तभी समस्या का स्थायी समाधान संभव है.

परितोष राय,

स्थानीय निवासी

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

लेखक के बारे में

By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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