बैंक आयकर विभाग को बुधवार को सौंपेगा सूची

Published at :12 Feb 2017 11:51 PM (IST)
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बैंक आयकर विभाग को बुधवार को सौंपेगा सूची

पड़ताल . बड़ी धनराशि जमा करनेवालों के खंगाले जायेंगे खाते तीन दर्जन से अधिक लोगों को नोटिस गोपालगंज : बैंक खातों में एक वर्ष में पांच लाख उससे ज्यादा की धनराशि जमा करनेवाले खाताधारकों पर आयकर विभाग की पैनी नजर है. विभाग ने बैंकों से ऐसे खाताधारकों की सूची मांगी है. आयकर विभाग के अधिकारियों […]

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पड़ताल . बड़ी धनराशि जमा करनेवालों के खंगाले जायेंगे खाते

तीन दर्जन से अधिक लोगों को नोटिस
गोपालगंज : बैंक खातों में एक वर्ष में पांच लाख उससे ज्यादा की धनराशि जमा करनेवाले खाताधारकों पर आयकर विभाग की पैनी नजर है. विभाग ने बैंकों से ऐसे खाताधारकों की सूची मांगी है. आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार नोटबंदी के बाद चालू वित्तीय वर्ष से अब तक यदि किसी खाते में पांच लाख या उससे अधिक नकदी जमा की गयी है, तो ऐसे इसकी जांच की जायेगी. नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा एक करोड़ से ऊपर वालों की सूची मांगी गयी थी जिनकी जांच की गयी. इसमें करीब तीन दर्जन से अधिक खाताधारकों को चिह्नित किया गया था. इसमें दो बड़े मामले सामने आये हैं.
फिलहाल अभी खातों की जांच चल रही है. आयकर विभाग केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की जारी अधिसूचना के बाद विभाग ऐसे खातों की पड़ताल में जुट गया है. सूची मिलते ही विभाग आय के स्रोतों को जानने के लिए संबंधित खाताधारकों को नोटिस भेजेगा. बैंक अधिकारियों का कहना है कि दो दिन पूर्व आयकर विभाग की ओर से खातों में बड़ी धनराशि जमा करने वाले खाताधारकों का बैंक स्टेटमेंट मांगा गया. ऐसे खाताधारकों की सूची बुधवार तक सौंप दी जायेगी.
आयकर रिटर्न में देरी, तो दंड
अब नीयत तिथि के बाद एवं 31 दिसंबर तक आयकर विवरणी भरने पर 5 हजार रुपये की पेनाल्टी लगेगी. साथ 31 दिसंबर के बाद और 31 मार्च तक 10 हजार रुपये पेनाल्टी लगेगी.
तीन लाख से अधिक लेन-देन पर पेनाल्टी
तीन लाख रुपये से ज्यादा का कैश लेन-देन करनेवालों पर पूरी धनराशि के बराबर अर्थदंड लगेगा. आयकर की छूट की सीमा नहीं बढ़ायी गयी है, लेकिन टैक्स की दर 10 से घटा कर पांच प्रतिशत करने और धारा 88ए में छूट को लेकर बहुत सारे करदाताओं को फायदा हुआ है. व्यापारियों को अब दस हजार रुपये से अधिक का नकद भुगतान करने पर आयकर में छूट नहीं मिलेगी. पहले यह सीमा 20 हजार रुपये थी. ट्रांसपोर्टरों को अब भी 35 हजार रुपये तक भुगतान किया जा सकता है. कोई भी कारोबारी जिसका टर्न ओवर 25 लाख एवं आय ढाई लाख रुपये है उसको धारा 44 एए के तहत लेखा बही रखने की जरूरत नहीं है.
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