दो करोड़ से भी नहीं बुझी प्यास लेकिन जनता प्यासी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Feb 2016 8:09 AM (IST)
विज्ञापन

भागने लगा जल स्तर . इस गरमी में पेयजल के लिए होना पड़ेगा मुहताज गोपालगंज : गरमी का एहसास शुरू हो गया है. शुरुआत में ही जल स्तर भागने लगा है. मार्च तक पारा 40 की ऊपर तक जाने की आशंका है. ऐसे में इस गरमी में बूंद-बूंद पानी के लिए मुहताज होना पड़ेगा. कागज […]
विज्ञापन
भागने लगा जल स्तर . इस गरमी में पेयजल के लिए होना पड़ेगा मुहताज
गोपालगंज : गरमी का एहसास शुरू हो गया है. शुरुआत में ही जल स्तर भागने लगा है. मार्च तक पारा 40 की ऊपर तक जाने की आशंका है. ऐसे में इस गरमी में बूंद-बूंद पानी के लिए मुहताज होना पड़ेगा. कागज में तो जिले में 27 जलमीनार बनायी गयी हैं. इनमें तीन बंद हैं.
बाकी जलमीनार से सप्लाइ का दावा विभाग कर रहा है. स्वच्छ पेयजल के लिए एक जलमीनार बनाने में एक से दो करोड़ की राशि खर्च होने की बात कही जा रही है. हकीकत यह है कि एक भी जलमीनार से पानी सप्लाइ नहीं होता है. शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ेती है. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पानी के बदले जहर (दूषित पानी) पीने को विवश हैं.
उन्हें शुद्ध पानी नसीब नहीं होता है. इसके कारण जिले में सर्वाधिक गैस, अल्सर, पेट जनित बीमारी एवं कैंसर के मरीज पाये जा रहे हैं. शुद्ध पानी के अभाव में प्रतिवर्ष कैंसर पीड़ितों की तादाद बढ़ती जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें, तो दूषित पानी पीने से प्रति वर्ष 56960 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं.
तीन नयी जलमीनार बनाने की अनुशंसा : पीएचइडी ने तीन नयी जलमीनार बनाने की अनुशंसा की है. इनमें विजयीपुर को पुनर्गठन के लिए लिखा गया है, जबकि सांसद ग्राम बैकुंठपुर प्रखंड की खैरा आजम पंचायत में बनकटी उत्तर तथा बनकटी दक्षिण में एक-एक जलमीनार बनाने की तैयारी करते हुए विभाग से मंजूरी के लिए रिपोर्ट भेजी गयी है. विभाग से मंजूरी मिलते ही यहां जलमीनार बना दी जायेगी.
लोगों के घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी : पीएचइडी ने ग्रामीण इलाकों में एक से दो करोड़ रुपये खर्च कर जलमीनार तो बना दी, लेकिन जलमीनार का कनेक्शन नहीं लिया जा रहा है.
किसी भी जलमीनार पर 12-14 लोगों का ही कनेक्शन है. विभाग का कहना है कि कम-से-कम एक जलमीनार से तीन सौ कनेक्शन हो तो पानी की सप्लाइ आसानी होगी. वैसे पानी की सप्लाइ कनेक्शन के अभाव में अगर होता है, तो पाइप में लिकेज की आशंका बनी रहती है. इससे लोगों को दो करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है. पीएचइडी की जलमीनार का कनेक्शन लेने के लिए मेन पाइप लाइन से घर तक जानेवाला पाइप शॉकेट नल तथा मिस्त्री और लेवर का खर्च आम आदमी को उठाना पड़ता है.
इसके कारण लोग कनेक्शन नहीं ले रहे हैं. सरकारी स्तर पर गरीबी रेखा के नीचे रहनेवालों को नि:शुल्क कनेक्शन दे दिया जाये, तो शायद दो करोड़ रुपये में बनी यह परियोजना सफल होगी. शुद्ध पेयजल के लिए अगर कनेक्शन घर तक लगाना चाहते हैं, तो पीएचइडी में एक आवेदन देना होगा. आवेदन देते ही पाइप लाइन जोड़ने की कार्रवाई शुरू हो जायेगी. खर्च जमा करने पर आसानी से कनेक्शन उपलब्ध हो जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
पीएचइडी ग्रामीण क्षेत्रों में बनायी गयी जलमीनार के संचालन को लेकर मुश्किल में है. कर्मियों की कमी के कारण थोड़ी परेशानी आ रही है, जिसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है. जब तक लोग कनेक्शन नहीं लेंगे तब तक समस्या बनी रहेगी.
संजय कुमार मिश्र, सहायक अभियंता, पीएचइडी, गोपालगंज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










