न मूत्रालय बना, न शौचालय की संख्या बढ़ी

Published at :15 Feb 2016 5:03 AM (IST)
विज्ञापन
न मूत्रालय बना, न शौचालय की संख्या बढ़ी

कैसे मिले गंदगी से निजात गोपालगंज : हर तरफ स्वच्छता अभियान के लिए हुंकार भरा जा रहा है. लेकिन, यहां तो शहर का नजारा ही कुछ अलग है. हालात यह है कि चौक-चौराहे पर फैले कचरे जहां वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं, वहीं सड़कों का किनारा और सरकारी बिल्डिंगों की दीवार की आड़ शौच […]

विज्ञापन

कैसे मिले गंदगी से निजात

गोपालगंज : हर तरफ स्वच्छता अभियान के लिए हुंकार भरा जा रहा है. लेकिन, यहां तो शहर का नजारा ही कुछ अलग है. हालात यह है कि चौक-चौराहे पर फैले कचरे जहां वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं, वहीं सड़कों का किनारा और सरकारी बिल्डिंगों की दीवार की आड़ शौच और पेशाब की जगह बन गयी है. समाहरणालय से लेकर मुख्य मार्ग पर गंदगी फैलाते लोगों का नजारा आसानी से देखा जा सकता है.

प्रतिदिन शहर में कचरा और मल-मूत्र से 150 से 250 घन कार्बन डाइ ऑक्साइड शहर के वातावरण में फैल रहा है. शहर की व्यवस्था पर नजर दौड़ायी जाये, तो यहां मूत्रालय और शौचालय का घोर अभाव है. आबादी के अनुसार मूत्रालय की संख्या नगण्य है. वहीं, आबादी बढ़ने के साथ शौचालय की संख्या भी नहीं बढ़ी. ऐसे में आखिर कैसे गंदगी से मुक्ति मिलेगी.

एक दिन में खत्म हुआ स्वच्छता अभियान

गंदगी पर अंकुश लगाने के लिए समाहरणालय रोड में पेशाब करनेवालों पर एक दिन का अभियान प्रशासन ने चलाया. पेशाब करनेवालों से 50 रुपये जुर्माना भी वसूला गया. लेकिन, दूसरे दिन से फिर वही स्थिति.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन