अंकल ने पी शराब, तो बच्चे करेंगे शिकायत

Published at :13 Feb 2016 1:04 AM (IST)
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अंकल ने पी शराब, तो बच्चे करेंगे शिकायत

नागेंद्र कुमार श्रीवास्तव गोपालगंज : गांव में अंकल ने शराब पी, तो उन्हें हवालात की हवा खानी पड़ेगी. शासन स्तर पर स्कूली बच्चों को शराबमुक्त बिहार बनाने में अहम भूमिका तैयार की गयी है. बच्चों को स्कूल में गुरुजी टॉल फ्री नंबर देंगे. अगर अंकल ने शराब पी, तो छात्र इस नंबर पर शिकायत करेंगे […]

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नागेंद्र कुमार श्रीवास्तव
गोपालगंज : गांव में अंकल ने शराब पी, तो उन्हें हवालात की हवा खानी पड़ेगी. शासन स्तर पर स्कूली बच्चों को शराबमुक्त बिहार बनाने में अहम भूमिका तैयार की गयी है. बच्चों को स्कूल में गुरुजी टॉल फ्री नंबर देंगे.
अगर अंकल ने शराब पी, तो छात्र इस नंबर पर शिकायत करेंगे और महज एक घंटे के भीतर अंकल जी को जेल जाना होगा. गांव में शराबमुक्त माहौल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अपने जिम्मेवारी उठायी है. बच्चे घर-घर जाकर शराब से होनेवाली परेशानियों के बारे में जागरूक करेंगे. इतना ही नहीं, गांव में शराब के खिलाफ इस कदर माहौल बनाया जायेगा कि लोग स्वत: शराब से घृणा करने लगें. गांव में अब अवैध शराब कोई बेचा, तो जेल जाने में पल भर का वक्त लगेगा. समाज से भी लोग बहिष्कृत करेंगे.
लोगों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार से पंचायतों में काम करनेवाले केआरपी, टोला सेवक, तालिमी मरकज, शिक्षासेवी व प्रेरक एक साथ पंचायत के सभी सार्वजनिक स्थल यथा चौक-चौराहों पर जागरूकता के लिए स्लोगन लिखने का काम शुरू करेंगे. शराब के बिना जिंदा नहीं रहनेवालों की पहचान कर सरकारी स्तर पर उनका नि:शुल्क इलाज होगा.
इसके लिए सदर अस्पताल में बजाप्ता नशामुक्ति केंद्र खोला जायेगा, जिसमें नशामुक्ति तक उसका इलाज किया जायेगा. शराबमुक्त गांव को मिलेगा एक लाख का पुरस्कार : शराबमुक्त गांव बनते ही सरकार की तरफ से एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार देने की तैयारी की गयी है, जो गांव के सार्वजनिक विकास के रूप में खर्च किया जायेगा. इतना ही नहीं, पंचायत के मुखिया को सम्मानित भी सरकार की तरफ से की जायेगी.
जागरूकता के लिए गांव में बेहतर माहौल बनाने के लिए जिलास्तरीय संचालन समिति का गठन कर कोर ग्रुप बनाया गया है, जिसके अध्यक्ष डीएम हैं, जबकि सदस्य एसपी, उत्पाद अधीक्षक, डीइओ, उत्पाद एवं मध निषेध पदाधिकारी, डीपीओ साक्षरता, डीपीओ सर्वशिक्षा, सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक साक्षर भारत, सभी प्रखंडों के शिक्षा पदाधिकारी, सदस्य राज संसाधन समूह, डीपीओ महिला सामाख्या, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका, जिला फेसिलेटर आशा व केआरपी की एक महिला शामिल हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
शराब के खिलाफ माहौल बनाने के लिए केआरपी तथा प्रखंड समन्वयकों की बैठक गुरुवार को की गयी है. उन्हें निर्देश दिया गया है किशुक्रवार से गांव में जाकर दीवार पेंटिंग का कार्य शुरू करें. मार्च तक हर व्यक्ति शराब के खिलाफ जागरूक होगा.
सुनील कुमार द्विवेदी, एसआरजी, जन शिक्षा निदेशालय, गोपालगंज
गांव को इस प्रकार किया जायेगा जागरूक
-लोक कला संस्कृति का कला जत्था एक दिन में पंचायत के तीन सार्वजनिक स्थानों पर नाटक के माध्यम से लोगों को शराब के प्रति जागरूक करेगा.
-स्कूल में प्रत्येक बच्चों को संकल्पपत्र उपलब्ध कराया जायेगा, जो अपने अभिभावक को संकल्प दिला कर आश्वस्त करेंगे कि वे शराब नहीं पियेंगे.
-गांव में सरकारी या गैर सरकारी विद्यालय स्तर पर प्रभातफेरी व रैली निकाल कर बच्चे घर-घर जाकर शराब के दुष्परिणामों को बतायेंगे.
-हाइस्कूल की छात्राओं से शराबमुक्ति पर रंगोली और पेंटिंग प्रतियोगिता करा कर माहौल को शराबमुक्त बनाने का प्रयास किया जायेगा.
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