बिना मानचत्रि भूगोल का उत्तर अधूरा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Dec 2015 6:27 PM

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बिना मानचित्र भूगोल का उत्तर अधूराप्रभात खबर टेली काउंसेलिंग : बीपीएससीसंवाददाता, पटनाभूगोल के प्रश्न का उत्तर देने में मानचित्र जरूर बनाएं. मानचित्र बना कर भूगोल विषय के उत्तर देने से उत्तर पूरा माना जाता है ़ मानचित्र से भूगोल को अच्छे से समझाया जा सकता है. यह सलाह बीपीएससी के मुख्य परीक्षा को लेकर एक्सपर्ट […]

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बिना मानचित्र भूगोल का उत्तर अधूराप्रभात खबर टेली काउंसेलिंग : बीपीएससीसंवाददाता, पटनाभूगोल के प्रश्न का उत्तर देने में मानचित्र जरूर बनाएं. मानचित्र बना कर भूगोल विषय के उत्तर देने से उत्तर पूरा माना जाता है ़ मानचित्र से भूगोल को अच्छे से समझाया जा सकता है. यह सलाह बीपीएससी के मुख्य परीक्षा को लेकर एक्सपर्ट प्रो. रासबिहारी प्रसाद सिंह ने दी. मौका था प्रभात खबर कार्यालय में आयोजित टेली काउंसिलिंग का. एक घंटे की भूगोल विषय की काउंसेलिंग में सैकड़ों प्रश्न प्रदेश भर के अभ्यर्थियों ने पूछे.भूगोल में उत्तर देते समय किन-किन बातों का ख्याल रखें. मेहताब आलम, मोतिहारी भूगोल में उत्तर लिखते समय तीन बातों का ख्याल रखें. पहली बात उत्तर देते समय मानचित्र जरूर बनाएं. मानचित्र स्केच से भी बना सकते हैं. इसके बाद आंकड़ा या टेबल अधिक बड़ा नहीं बनाएं. आकंड़ों का विश्लेषन करें. तीसरी बात कोई एेसी बात न लिखें, जिसमें तथ्य न हो. प्रश्न के उत्तर देने में तथ्य पर अधिक फोकस करें. दो बार मेंस दे चुका हूं. मार्क्स काफी कम आते हैं. क्या करूं. मनोज कुमार, कैमूर प्रथम पेपर में वैज्ञानिक और तथ्य अाधारित प्रश्न होते हैं. इनके उत्तर के लिए सिद्धांतों और तथ्यों पर पूरा ध्यान दें. इसके अलावा इस सिद्धांतों और तथ्यों से संबंधित मानचित्र जरूर बनाएं. दूसरे पेपर में भारत से संबंधित प्रश्न अधिक होते हैं. ऐसे में किसी तरह के प्रश्न पूछे, तो उसमें समस्याओं के कारण के साथ समाधान भी लिखें. बिना समाधान के केवल कारण लिखने से उत्तर अधूरा माना जायेगा. सामान्य अध्ययन में भूगोल से किस तरह से उत्तर लिखा जाए. प्रभाकर कुमार, समस्तीपुर सामान्य अध्ययन में भूगोल से लगभग 80 फीसदी प्रश्न पूछे जाते हैं. इसकी तैयारी के लिए सुरेश चंद्र बंशल की भारत का भूगोल से तैयारी कर सकते हैं. वैसे सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के जेनरल स्टडी वाली बुक से भी मदद ले सकते हैं. बिहार बोर्ड के स्कूलों में चल रहे विश्व भूगोल की किताब से तैयारी कर सकते हैं. प्रश्नों का पैटर्न चेंज होता है क्या. कृपानंद कुमार, वैशाली पिछली बार जो प्रश्न पूछा है, उसे छोड़ कर बाकी के प्रश्न पत्र को देख सकते हैं. तीन-चार साल पहले के प्रश्न के ट्रेंड देखकर प्रश्न का पैटर्न पता चलेगा. पिछले प्रश्न पत्र को जरूर देखिये. थॉट का प्रश्न में अंक मिलता है या नहीं. आलोक, दिल्ली थॉट में अधिक जीवनी और कहानियां लिखी होती हैं. आप दीक्षित की थॉट की किताब ले लें. यह अधिक कारगर होगा. सिर्फ चिंतन और अवधारणाओं का वर्णन करें. ऐसे प्रश्न में पृष्टभूमि की चर्चा करने की जरूरत नहीं है. बस जितना पूछा जायें, उतना ही लिखें. मुख्य परीक्षा में भूगोल में किस पेपर से अधिक अंक आ सकता है. विनोद कुमार, भाेजपुर दो ही पेपर से अच्छे अंक आ सकते हैं. बस जरूरत है कि आपकी तैयारी दोनों में अच्छी हो. किसी भी प्रश्न का उत्तर दें, उसमें संदर्भ का पूरा ख्याल रखें. अगर वर्ल्ड लेवल पर प्रश्न पूछा गया है, तो उत्तर देते समय भारत को संदर्भ में जरूर चर्चा करें. उसी तरह भारत से संबंधित प्रश्न पूछा गया हो, तो बिहार की चर्चा उत्तर देने में जरूर करें. ऐसे में आपके अंक बढ़ सकते हैं. एग्जामिनर को लगेगा कि अभ्यर्थी को पूरी जानकारी है. पहले पेपर में मार्क्स नहीं उठ रहा है. क्या करें. पंकज कुमार, गया पहला पेपर तथ्यों पर आधारित होता है. इस कारण जो भी लिखें, पूरा तथ्यों के साथ लिखें. मानचित्र बना कर समझायें. पी दयाल की मानचित्र की किताब से तैयारी करें. अच्छे से समझाया गया है. सेंकेड पेपर में कम अंक आया था. कैसे तैयारी करे जो अच्छा अंक आए. अनुज झा, नवादा सेकेंड पेपर में आंकड़ा अधिक होता है. आंकड़ों को हमेशा अपडेट करें. आंकड़ा अपडेट होने के साथ विश्लेषण भी बदल जाता है. पुराने आंकड़ों को अपडेट करें. आंकड़ों का डायग्राम जरूरत बनाएं. जैसे अगर 2011 से 2015 तक का आंकड़ा दिखाना हो तो उसे डायग्राम बना कर दिखाने से अंक अच्छे आते हैं. इन्होंने भी पूछा प्रश्न कपिल (मुंगेर), संतोष (आरा), शिवकांत (कहलगांव), परी (मुंगेर), पंकज कुमार (समस्तीपुर), सरोज कुमार (दरभंगा), सुमित पंकज (पटना), राहुल (सहरसा). पहले पेपर के महत्वपूर्ण चैप्टर 1. फिजिकल ज्योगरफी – स्थालाकृति – तटीय स्थलाकृति, मरूस्थलीय स्थलाकृति, हिमानी स्थालाकृति, जलोढ़ स्थलाकृति 2. संकल्पनात्मक ज्योगरफी – पेक और डेटिस – प्लेट वृतनीकी सिद्धांत – ढाल की सिद्धांत 3. जलवायु विज्ञान – टेपो साइक्लोन, टाॅपिकल साइक्लोन, सिमाग्र 4. वायुराशि का वर्गीकरण 5. जलवायु वर्गीकरण 6. स्थानीय वायु 7. समुद्र विज्ञान 8. महासागर की तटीक स्थलाकृति और लवनता 9. समद्री जलधारा 10. भौगोलिक चिंतन के अंतर्गत 11. भूगोलवेत्ता के विचार की क्रमबद्धता लिखें सेकेंड पेपर के महत्वपूर्ण चैप्टर 1. भारत की जलवायु 2. मृदा वर्गीकरण 3. कृषि प्रादेशिक 4. जनसंख्या – वितरण और वृद्धि 5. नगरीकरण 6. प्रादेशिक नियोजन 7. जनजातीय और आर्थिक पिछड़ेपन 8. बिहार से संबंधित प्रश्न – जनसंख्या, बाढ़, कृषि, बिहार में आैद्याेगिक पिछड़ेपन के कारण और समाधान

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