आंबेडकर के विचारों को नहीं माननेवाले भी अब मान रहे प्रासंगिक : वशष्ठि

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आंबेडकर के विचारों को नहीं माननेवाले भी अब मान रहे प्रासंगिक : वशिष्ठजदयू कार्यालय में मनायी गयी डाॅ भीम राव अांबेडकर की पुण्यतिथिसंवाददाता, पटना जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में संविधान निर्माता डाॅ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा […]

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आंबेडकर के विचारों को नहीं माननेवाले भी अब मान रहे प्रासंगिक : वशिष्ठजदयू कार्यालय में मनायी गयी डाॅ भीम राव अांबेडकर की पुण्यतिथिसंवाददाता, पटना जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में संविधान निर्माता डाॅ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि महापुरुषों की मृत्यु के बाद उन्हें माननेवाले लोगों की संख्या और उनके विचारों की महत्ता बढ़ जाती है और वे इतिहास पुरुष हो जाते हैं. भारत के संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर ऐसी ही महान विभूति थे. उन्होंने कहा कि अंबेडकर के संदर्भ में सबसे खास बात यह है कि उनके विचारों को अबतक नहीं मानने वाले भी आज उन्हें प्रासंगिक मानने लगे हैं. यह सच भी है कि डाॅ अंबेडकर ने जिन विचारों को लेकर अपने जीवन में संघर्ष किया, वे विचार आज के समाज में और भी मौजूं व अपरिहार्य है. विचार के रास्ते पर चलना बड़ा कठिन है, क्योंकि समाज का एक बड़ा वर्ग रूढ़िवादिता और पोंगापंथ को आधार बनाकर समाज के संचालन में विश्वास करता है, लेकिन यह संतोष का विषय है कि अब इन लोगों ने भी समाज की बदलती स्थिति में अांबेडकर को मानना शुरू कर दिया है. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार ने पिछले दस साल के शासन काल में महादलितों और दलितों की शिक्षा व रोजगार और उन्हें समाज व राजनीति की मुख्यधारा में जोड़ने की दिशा में जो काम किया, वह उल्लेखनीय है. आज बिहार की महागंठबंधन की सरकार के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सिद्धांत ही न्याय के साथ विकास का है, जिसका अर्थ है समाज के सबसे गरीब, दलित-महादलित और वंचित वर्ग के लोगों तक विकास के फायदे पहुंचाना. परिवर्तन की प्रक्रिया तभी तेज होती है, जब गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करनेवाली बहुसंख्य आबादी के पक्ष में काम करते हुए उनके मन में मुख्यधारा में शामिल होने की प्रवृत्ति जगाती है. डॉ आंबेडकर का योगदान आज इस रूप में भी जिंदा हुआ कि संसद में दो दिनों तक इस अवसर को संविधान दिवस के रूप में मनाया गया और गंभीर चर्चा हुई. जदयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस पुण्यतिथि कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार सरकार के एससी एसटी कल्याण मंत्री संतोष कुमार निराला ने की. इस मौके पर विधान परिषद में सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, पूर्व मंत्री श्याम रजक, विधायक मनीष कुमार, विधायक अचमित ऋषिदेव, विधायक प्रभुनाथ प्रसाद, पूर्व विधायक अरुण मांझी, हुलेश मांझी, बबन राउत, सविता नटराज, जदयू महादलित प्रकोष्ठ के संयोजक आनंद समेत अन्य मौजूद थे.

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