चौथे दिन शुरू हुआ इलाज

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चौथे दिन शुरू हुआ इलाज कुचायकोट अस्पताल – इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक डॉक्टरों की पुलिस ने दी सुरक्षामरीजों के इलाज से लौटी अस्पताल की रौनकस्वास्थ्यकर्मियों ने भी संभाली इलाज की कमानडॉक्टर व सीओ से मारपीट की जांच शुरूफोटो-7- पुलिस के पहरे के बीच इलाज करते डॉक्टरफोटो- 8- अस्पताल परिसर में गश्त करते थानाध्यक्षइंट्रो: कुचायकोट […]

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चौथे दिन शुरू हुआ इलाज कुचायकोट अस्पताल – इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक डॉक्टरों की पुलिस ने दी सुरक्षामरीजों के इलाज से लौटी अस्पताल की रौनकस्वास्थ्यकर्मियों ने भी संभाली इलाज की कमानडॉक्टर व सीओ से मारपीट की जांच शुरूफोटो-7- पुलिस के पहरे के बीच इलाज करते डॉक्टरफोटो- 8- अस्पताल परिसर में गश्त करते थानाध्यक्षइंट्रो: कुचायकोट अस्पताल में चौथे दिन मरीजों का इलाज शुरू हो गया. अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. दहशत के साये में अस्पताल के कर्मियों ने मरीजों का इलाज शुरू किया. ओपीडी में 83 मरीजों का इलाज किया गया. इसके साथ ही अस्पताल में रौनक लौट आयी है. मरीज भी आने लगे हैं. संवाददाता, कुचायकोटसड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद उग्र भीड़ के हाथों डॉक्टर की पिटाई की घटना के चौथे दिन मंगलवार को पुलिस के पहरा के बीच कुचायकोट अस्पताल में इलाज शुरू हो गया. तीन दिनों तक डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी घटना के विरोध में हड़ताल पर रहे. खौफ के बीच डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियाें ने इलाज शुरू किया. भले ही डॉक्टर पुलिस सुरक्षा के बीच इलाज कर रहे, लेकिन उनके चेहरे पर आज भी खौफ दिख रहा था. मरीजों का इलाज शुरू होते ही अस्पताल में रौनक लौट आयी है. ओपीडी में मंगलवार को डॉ एलबी यादव ने 83 मरीजों का इलाज किया. हालांकि इमरजेंसी सेवा भी बहाल होने का दावा स्वास्थ्य महकमे ने किया है. तीन दिनों से बंद था अस्पतालपिछले शनिवार को गोपालपुर थाना क्षेत्र के गुलौरा गांव के रहनेवाले मनोज कुमार पांडेय तथा उनके रिश्तेदार मठिया हाता गांव के रोहित मिश्रा अपनी बाइक से गोरखपुर की बस पकड़ने के लिए कुचायकोट आ रहे थे, तभी वृतिटोला और बघउच के बीच जेसीबी ने कुचल दिया. इस हादसे में मनोज की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल था. एंबुलेंस मौके पर पहुंचा और घायल को छोड़ कर लौट गया. इससे आक्रोशित लोग दोनों को उठा कर अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में जब कोई डॉक्टर नहीं मिला, तो लोगों की भीड़ बेकाबू हो गयी और डॉ ओपी लाल के आवास पर पहुंच कर उन्हें बुलाने लगे. वहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी. बचाने आये सीओ को भी उन लोगों ने पीट दिया. इस घटना से आक्रोशित जिले भर के डॉक्टर हड़ताल पर चले गये. डीएम की पहल पर रविवार को हड़ताल वापस हुई. सोमवार को भी कुचायकोट अस्पताल में इलाज नहीं हुआ.थानाध्यक्ष ने ली घटना की जानकारी कुचायकोट में कमान संभालने के साथ ही थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार चार घंटे तक अस्पताल में कैंप कर न सिर्फ सुरक्षा, बल्कि पिछली घटना की भी जांच-पड़ताल करते देखे गये. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. किस स्तर पर चूक हुई है, इसकी भी जांच पुलिस को करनी है. कुचायकोट की घटना के पीछे प्रभारी डॉक्टर ने कुछ लोगों की साजिश बतायी है. भीड़ में घुस कर हमला करने का काम किया गया है. भीड़ को उकसाने का काम किया गया है. प्रभारी डॉक्टर से भी पुलिस ने पूछताछ की है.

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