शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर बिहार

Updated at : 18 Dec 2019 1:49 AM (IST)
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शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर बिहार

गोपालगंज : पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब उत्तर बिहार तक होने लगा है. जम्मू-कश्मीर से पहुंचे कोल्ड फ्रंट के चलते उत्तर पश्चिमी हवाओं ने मौसम को सर्द बना दिया है. हवाओं के साथ शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर बिहार आ गया है. हवाओं की रफ्तार तेज रही. बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी […]

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गोपालगंज : पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब उत्तर बिहार तक होने लगा है. जम्मू-कश्मीर से पहुंचे कोल्ड फ्रंट के चलते उत्तर पश्चिमी हवाओं ने मौसम को सर्द बना दिया है. हवाओं के साथ शीतलहर की चपेट में पूरा उत्तर बिहार आ गया है.

हवाओं की रफ्तार तेज रही. बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी छुड़ायी. दिन ढलने के साथ ही हालात और बिगड़ गये. सड़क पर सन्नाटा पसरने लगा. बर्फीली हवाओं ने घर से निकलना मुश्किल कर दिया. मंगलवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहने के बाद अभी राहत मिलने के आसार नहीं है. मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि न्‍यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होगी.
सुबह सात बजे अचानक मौसम में कोल्ड फ्रंट के घुलने से सर्वाधिक परेशानी छोटे-छोटे बच्चों को हुई. प्राइवेट स्कूलों में सुबह आठ बजे से क्लास होने के कारण छात्रों को पकड़ने के लिए सात बजे ही नहा-धोकर तैयार होकर जाना पड़ रहा है. बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले भी कांपते नजर आये. वहीं सरकारी स्कूलों में भी बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचे. स्कूलों में अचानक उपस्थिति भी कम हो गयी है.
शिक्षक से लेकर छात्र परेशान होते नजर आये. आंगनबाड़ी केंद्रों में तो हालात और भी खराब थे. आंबेडकर चौक स्थित एक निजी स्कूल में वर्ग सात की छात्रा व जंगलिया के मो हबीब की बेटी तरन्नुम खातून स्कूल में कांपने लगी. जब वह बेहोश होने लगी तो स्कूल के लोगों ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह खतरे से बाहर बतायी जा रही है.
ठंड को देखते हुए विष्णु शूगर मिल की ओर सदर अस्पताल व शहर के विभिन्न चौकों पर बगाश गिराया गया. बुधवार से अलाव जलाने का इंतजाम किया गया है. चीनी मिल के महाप्रबंधक पीआरएस पाणिकर ने बताया कि प्रतिदिन अलाव जरूरत के अनुसार फैक्टरी उपलब्ध करायेगी. ठंड में प्रत्येक वर्ष अलाव का इंतजाम किया जाता रहा है.
16 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ा पछिया हवा ने, सूरज के दर्शन नहीं
स्कूलों में कांपते पहुंचे छात्र, बेहोश छात्रा को कराया गया भर्ती
शूल सी चुभती हवा के चलते रात में गलन जैसी स्थिति बन गयी है. अब घरों में हीटर निकल आये हैं और मोटी रजाइयों का ओढ़ना भी शुरू हो गया है. अधिकतम आर्द्रता 97 फीसदी तक पहुंचने से गलन भरी सर्दी में लोगों की कंपकंपी छूटती रही.
अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 17.2 डिग्री दर्ज किया गया था. यह सर्दी के सीजन में अभी तक का सबसे कम तापमान रहा. वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 9.5 डिग्री रहा. अधिकतम और न्यूनतम तापमान का अंतर आठ डिग्री से कम रहने के चलते गलन भरा दौर है. इससे पहले 2003 में यह 9.06 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया था. इस वर्ष 16 वर्षों का रिकाॅर्ड तोड़ा है.
नगर पर्षद को नहीं है जान की परवाह नहीं जलाया गया अलाव : ठंड से कांप रहे लोगों की जान की परवाह नगर पर्षद को नहीं है. शहर के चौक चौराहों पर अलाव नहीं जलाये जाने के कारण सर्वाधिक कठिनाई रिक्शाचालकों और रात में चलने वाले राहगीरों को हो रही है. ठंड में लोग कांपते नजर आये. अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों व उनके अभिभावक भी कांपते हुए नजर आये. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर देर शाम को पहुंचने वाली महिलाएं भी ठंड के आगे बेबश दिखीं.
बचाव के घरेलू उपाय
गुनगुने पानी में ही नहाएं, गर्म पानी पीएं.
सर्दियों में कफ की समस्‍या होने पर अदरकयुक्‍त चाय पीएं
मधु के साथ अदरक के छोटे टुकड़े को चबाने से राहत मिलती है
ठंड लगने पर चिकन सूप का सेवन करें. चिकन सूप में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है
तुलसी, काली मिर्च से काढ़ा तैयार करें. इसे गर्मा गर्म पीएं
दालचीनी-जायफल को बराबर मात्रा में पीस कर सुबह-शाम शहद के साथ ले सर्दी-जुकाम में मिलेगी राहत
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