न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने बनायी पार्किंग न ही नगर पर्षद ने की मुकम्मल व्यवस्था
Updated at : 08 Nov 2019 5:49 AM (IST)
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गोपालगंज : गुरुवार को दिन के एक बज रहे हैं. शहर की सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं. नो वेंडर जोन घोषित समाहरणालय रोड के आधे भाग पर बाइकें खड़ी हैं. कुछ हिस्से पर दुकानें सजी हैं. जादोपुर रोड में डिवाइडर बन गया है, लेकिन बैंक और दुकानों के पास सड़क वाहन पड़ाव का आभास […]
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गोपालगंज : गुरुवार को दिन के एक बज रहे हैं. शहर की सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं. नो वेंडर जोन घोषित समाहरणालय रोड के आधे भाग पर बाइकें खड़ी हैं. कुछ हिस्से पर दुकानें सजी हैं. जादोपुर रोड में डिवाइडर बन गया है, लेकिन बैंक और दुकानों के पास सड़क वाहन पड़ाव का आभास करा रही है. यह हालत किसी एक जगह की नहीं, बल्कि पूरे शहर की है. ऐसे में हर दिन शहर जाम से जूझता है.
बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के पास जगह के अभाव में ग्राहक सड़क पर ही अपने वाहन लगा देते हैं. जाम से निबटने के लिए वर्ष 2017 में नगर पर्षद ने बैंक, मॉल और बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किया कि संचालक अपने प्रतिष्ठान के सामने 60 फीसदी पार्किंग स्थल की व्यवस्था करके ही प्रतिष्ठान चलाएं.
नप ने स्वयं भी चार जगह नये पार्किंग बनाने की बात कही, लेकिन न तो नप की ओर से एक भी पार्किंग बनायी गयी और न किसी व्यवसायी ने नप के आदेश पर अमल किया. नतीजतन शहर में जाम की समस्या लाइलाज हो चुकी है. पूरे शहर इस जाम से मुक्ति पाने के लिए होने वाले इंतजाम के इंतजार में है.
वाहनों के अनुपात में सरकारी पार्किंग है कम : शहर में चार सरकारी पार्किंग हैं. सबसे अधिक भीड़ मिंज स्टेडियम के पास वाले पार्किंग में होती है. चारों पार्किंग की कुल क्षमता 125 बाइक और 50 चरपहिया के लिए अधिकतम है.
ऐसे में न चाहते हुए भी बाइक और चरपहिया वालों को सड़क पर वाहनों को खड़ा करने की मजबूरी होती है. इसके अलावा शहर में 450 से अधिक ऑटो हैं, जिनका ठहराव शहर की सड़कों पर ही है. ऐसे में सड़कों पर जाम का लगना लाजिमी है.
एक नजर प्रतिष्ठान व पार्किंग पर
बैंक कार्यालय- 16
बैंक की पार्किंग – 01
मॉल की तरह प्रतिष्ठान- 06
पार्किंग व्यवस्था- 02
प्राइवेट हॉस्पिटल- 10 पार्किंग- 04
अन्य दुकान व प्रतिष्ठान- 65, पार्किंग – 00
सरकारी पार्किंग- 04
शहर आने वाले वाहनों की संख्या
बाइक की संख्या- 12 से 13 हजार औसतन प्रतिदिन
चरपहिया वाहन- 500 से 800
कमर्शियल वाहन- 250 से 450
ऑटो- 450
क्या कहता है नगर पर्षद
शहर में जाम की समस्या है. जितने भी बड़े प्रतिष्ठान हैं, उनकी पार्किंग नियमाकुल करने के लिए नोटिस किया है. इसका सख्ती से पालन कराया जायेगा. नयी पार्किंग भी जल्द बनवायी जायेगी. सुनील कुमार, इओ,
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