रक्षाबंधन आज : भाई-बहन के प्यार में मिठास घोलने का महापर्व, उत्साह का माहौल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Aug 2019 2:46 AM

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गोपालगंज : सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन गुरुवार को मनाया जायेगा. इस बार सुबह 5:46 से शाम 6:42 बजे तक रक्षा बांधने का मुहूर्त है. बुधवार को राखी खरीदने के लिए शहर से लेकर गांवों तक की दुकानों पर राखी खरीदने की भीड़ लगी रही. इस बार राखी का कारोबार लगभग 4.5 करोड़ का हुआ. शहर […]

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गोपालगंज : सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन गुरुवार को मनाया जायेगा. इस बार सुबह 5:46 से शाम 6:42 बजे तक रक्षा बांधने का मुहूर्त है. बुधवार को राखी खरीदने के लिए शहर से लेकर गांवों तक की दुकानों पर राखी खरीदने की भीड़ लगी रही. इस बार राखी का कारोबार लगभग 4.5 करोड़ का हुआ.

शहर के मौनिया चौक, मेन रोड, जादोपुर रोड, थाना रोड में सर्वाधिक भीड़ रही. रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है. राखी कच्चे सूत से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे तथा सोने या चांदी की भी हो सकती है. रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है. रक्षाबंधन के दिन बहनें भगवान से अपने भाइयों की तरक्की के लिए प्रार्थना करती हैं.
बृहस्पति ने इंद्र के हाथों में बांधा था रक्षासूत्र
इंद्राणी द्वारा निर्मित रक्षा सूत्र को देव गुरु बृहस्पति ने इंद्र के हाथों में बाधते हुए ‘येन बद्धो बलिराजा दानवेंद्रो महाबल: तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल’ का स्वस्तिवाचन किया. यह श्लोक रक्षाबंधन का अभीष्ट मंत्र है. इसका अर्थ है कि जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेंद्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बांधता हूं. हे रक्षे (राखी)! तुम अडिग रहना.
ऐसे मनाएं रक्षाबंधन
पंडित राजेश्वरी मिश्र के अनुसार सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर बहनें पूजा की थाली सजाएं, थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक, मिठाई और कुछ पैसे भी रखें. भाई को तैयार होने के बाद टीका लगाने के लिए पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठाएं. पहले अभीष्ट देवता की पूजा करें.
रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है. उसकी आरती उतारी जाती है. दाहिनी कलाई पर राखी बांधी जाती है और पैसों से न्योछावर करके उन्हें गरीबों में बांट दिया जाता है. भाई, बहन को उपहार देता है. रक्षाबंधन के अनुष्ठान को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है.
बहनों के व्रत रखने की भी परंपरा है.
हथुआ . प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बरवां में गुरुवार को राखी महोत्सव मनाया जायेगा. इसमें छात्राएं छात्रों को राखी बांधेंगी. वहीं, छात्र उपहार स्वरूप छात्राओं को पौधा देकर पर्यावरण बचाने का संकल्प लेंगे. राखी महोत्सव को लेकर विद्यालय के आठवीं वर्ग की छात्राओं ने अपने हाथ से राखी तैयार की है.
महोत्सव को लेकर राखी बनाने का कला विद्यालय की शिक्षिका शोभना आस्थाना ने छात्राओं को दी. प्रधानाध्यापक सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच भाई-बहन का संबंध स्थापित हो. इसको लेकर महोत्सव की तैयारी की गयी है. मौके पर शिक्षिका मीना देवी, शिक्षक पंकज कुमार पांडेय के नेतृत्व में छात्र मुस्कान, जुही, पुष्पा, पलक, दुर्गा, सिमरन, शाम्या, अंजली आदि थे.
विस्तार से जानें कि रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त कब : सद्गुरुस्वामी आनंद जी
रक्षाबंधन का पर्व इस वर्ष श्रावण और धनिष्ठा नक्षत्र के साये में मनाया जायेगा. पूर्णिमा 14 अगस्त की शाम 3:45 पर ही लग चुकी है पर उदया तिथि यानी सूर्योदय के समय की तिथि की मान्यता के कारण पूर्णिमा 15 अगस्त को मनायी जायेगी. 15 अगस्त 2019 की सुबह 8:01 तक श्रावण नक्षत्र रहेगा.
उसके बाद यह पर्व धनिष्ठा नक्षत्र की छतरी में संपादित होगा. दोपहर 11:58 बजे तक सौभाग्य योग, उसके बाद शोभन योग है. शाम 5:58 तक भाव करन और और उसके बाद बालव करन रहेगा.इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है. राखी बांधने के लिए पूरा दिन ही उपयुक्त है. दोपहर 3 से 3:52 तक का समय सर्वश्रेष्ठ है.
सुबह 6:15 से 7:45 तथा संध्या 5:30 से 5:55 तक की बेला भी शुभ मुहूर्त में शुमार है. भाई की सर्वत्र विजय के लिए दोपहर 12:14 से 1:05 तक का काल उत्तम है. भ्राता की उन्नति और प्रगति की कामना पूर्ति के लिए दोपहर 12:25 से 2:15 तक का समय बेहतर है. दोपहर 1:30 से 3 बजे तक राहुकाल है.
राखी बांधने का इस बार है लंबा मुहूर्त
गोपालगंज. इस बार भद्रा का साया नहीं होने के कारण इस बार राखी बांधने के लिए काफी लंबा मुहूर्त है. 19 साल बाद रक्षाबंधन का त्योहार स्वतंत्रता दिवस के दिन मनाया जायेगा. बहनें भाइयों को शाम तक राखी बांध सकेंगी.
पंडित रूपेश तिवारी ने बताया कि त्योहार से पहले गुरु का मार्गी होना इस पर्व पर शुभ संयोग बना रहा है. उन्होंने कहा कि इस गुरुवार की शुरुआत श्रवण नक्षत्र में होगी, जो 8:30 तक रहेगा. इसके बाद घनिष्ठा नक्षत्र है. सुबह 11 बजे तक सौभाग्य योग है और इसके बाद शोभन योग बन रहा है.
आचार्यों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त 12 घंटे रहेगा, जो सुबह 5:49 बजे से शाम 6:01 बजे तक होगा. दोपहर 1:43 से 4:20 तक राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त है.
पुरोहित भी बांधते हैं राखी
पुरोहित तथा आचार्य सुबह-सुबह यजमानों के घर पहुंचकर उन्हें राखी बांधते हैं और बदले में धन, वस्त्र और भोजन आदि प्राप्त करते हैं. इसके अलावे परिवार की छोटी लड़कियां भी सम्मानित संबंधियों (जैसे पुत्री, पिता को) को भी रक्षासूत्र बांधती हैं. सार्वजनिक रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बांधी जाती है.
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