बूंद-बूंद पानी के लिए बेहाल हो रहे पशु-पक्षी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 May 2019 6:22 AM
विज्ञापन
गोपालगंज : जिले में भू-जल का लेयर तेजी से गिर रहा है, फिर भी जिम्मेदार नींद में हैं. विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है. हालत दिनों-दिन चिंताजनक होती जा रही है. बूंद-बूंद पानी के लिए पशु-पक्षी बेहाल होने लगे हैं. तालाब, छोटी नदियां सूख गयी हैं. जिले में लगभग 4800 चापाकल सूख गये हैं. […]
विज्ञापन
गोपालगंज : जिले में भू-जल का लेयर तेजी से गिर रहा है, फिर भी जिम्मेदार नींद में हैं. विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है. हालत दिनों-दिन चिंताजनक होती जा रही है. बूंद-बूंद पानी के लिए पशु-पक्षी बेहाल होने लगे हैं. तालाब, छोटी नदियां सूख गयी हैं. जिले में लगभग 4800 चापाकल सूख गये हैं.
राहगीर पानी के लिए तड़प रहे हैं. ग्रामीण इलाकों की बात कौन करे, कलेक्ट्रेट में लगाये गये वाटर काउंटर भी सूखा पड़ा है. यहां आने वाले लोग खरीद कर पानी पी रहे हैं, तो गरीब चापाकल का गंदा पानी पीने को विवश हैं. जिले की आबादी लगभग 30 लाख है. प्रति व्यक्ति रोज चार गैलन पानी की जरूरत होती है.
मौसम के तल्ख तेवर के कारण जिले में पेयजल का संकट गहराने लगा है. गंडक, खनुआ, झरही, दाहा, घोघारी नदी के होने के कारण जिले का लेयर 13-14 फुट रहता है. अब यह गिरकर 15 फुट पर चला गया है, जिससे अधिकतर तालाब और जलस्रोत सूख गये हैं.
पुलिस लाइन में प्रतिदिन हजारों लीटर बर्बाद हो रहा पानी
पुलिस लाइन में प्रति क्षण दो सौ गैलन पानी बर्बाद हो रहा है. तीन स्थानों पर लगभग 18 पाइप से लगातार पानी गिर रहा है. दो से तीन सौ रुपये खर्च कर पाइप में नल लगाकर पानी को बचाया जा सकता है. लेकिन, न तो इस ओर पुलिस लाइन के अधिकारी का ध्यान है और न ही नगर परिषद का.
4842 चापाकल हैं खराब
शहर के रामनाथ शर्मा मार्ग की यह तस्वीर सरकारी चापाकलों की पोल खोल रही है. सरकारी चापाकल खराब होने के बाद लगातार शिकायत पीएचइडी से की गयी. नहीं बनने पर अब लोगों ने निजी चापाकल लगा लिया. लेकिन, चापाकल का पानी पीने लायक नहीं है. चापाकल के पानी का टीडीएस छह सौ से ऊपर है. जिसे पीने से पेट संबंधी बीमारी हो सकती है.
पेयजल का नहीं है संकट: विभाग
पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता विपुल कुमार नंदन ने बताया कि जिले में पानी का लेयर 15 फुट पर है, जिससे चिंता की बात नहीं है. पेयजल का संकट जिले में नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










