बैंक से कैश नहीं मिलने पर कर्ज लेना बन गया मजबूरी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :06 Apr 2018 4:57 AM (IST)
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बैंकों का खजाना खाली होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग गोपालगंज : बैंकों के करेंसी चेस्ट के खाली होने से आम ग्राहक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. कैश का संकट लोगों पर शुरू हो गया है. गुरुवार को कैश नहीं मिलने पर जादोपुर की मीना देवी को गले की चेन बंधक रखकर […]
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बैंकों का खजाना खाली होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे लोग
गोपालगंज : बैंकों के करेंसी चेस्ट के खाली होने से आम ग्राहक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. कैश का संकट लोगों पर शुरू हो गया है. गुरुवार को कैश नहीं मिलने पर जादोपुर की मीना देवी को गले की चेन बंधक रखकर पति का इलाज कराना पड़ा. मीना देवी के पति असम में रहते थे. उनको अचानक बुखार हुआ. 15 दिनों तक बुखार ठीक नहीं होने पर गांव चले आये. पत्नी मीना देवी पति के इलाज के लिए शहर के एक डॉक्टर के यहां नंबर लगा दिया और बैंक में पैसा निकालने पहुंच गयीं. केनारा बैंक ने उसे 10 हजार रुपये तक नहीं दे पाया. पति के इलाज के लिए अंत में गले की चेन बंधक रखकर पांच हजार रुपये लेकर इलाज करायी.
यह महज एक बानगी है. मीना देवी जैसे सैकड़ों की संख्या में ग्राहकों को कर्ज लेना पड़ रहा है. कहीं जेवर बंधक रखना पड़ रहा तो कहीं कर्ज लेकर काम करना पड़ रहा है. ग्राहकों का पैसा वक्त आने पर काम नहीं आ रहा. वेतन और पेंशन का सप्ताह होने के नाते लगभग हर बैंकों में लाइन लगी थी. बैंकों की अपनी मजबूरी है. आरबीआई उन्हें कैश नहीं दे रहा. 78 दिनों से जिले में कैश का संकट बना हुआ है. अब तो बैंक खुलकर कहने लगे हैं कि दो-चार दिन के अंदर फिर आरबीआई से रुपये नहीं आये तो कैश का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. अभी 15 दिन पूर्व आरबीआई से लगभग 86 करोड़ रुपये आये थे. यह रकम यहां ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई. अब लगातार मांग भेजी जा रही है, लेकिन आरबीआई से पैसे नहीं आ रहे हैं. इसका असर एटीएम पर भी पड़ रहा है.
एटीएम पर ढूंढ़ने पर भी नहीं मिल रहा कैश : शहर में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, एसबीआई, एक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, काॅरपोरेशन बैंक की एटीएम में पैसे नहीं थे. वहीं, एसबीआई की एक एटीएम में रुपये थे और वहां लाइन लगी थी. जबकि, आईडीबीआई, एस बैंक, महिंद्रा कोटक बैंक की एटीएम में रुपये नहीं थे. ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है. मीरगंज, सासामुसा, बरौली, दिघवा दुबौली, भोरे, कटेया, विजयीपुर, बथुआ बाजार, कुचायकोट जैसे बाजारों में एटीएम में ताला लटका हुआ है.
आरबीआई को बतायी गयी स्थिति
आरबीआई से कैश की डिमांड की गयी है. उम्मीद है कि जल्द ही कैश मिलेगा. अगले सप्ताह से कैश की कमी समाप्त होने की उम्मीद है. जिले के बैंकों को प्रतिदिन कैश की संकट से ग्राहकों को हो रही परेशानी से आरबीआई को अवगत करा दिया गया है.
संजीव कुमार सिंह, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई
मांझा में बैंक खुलते ही मारामारी की स्थिति
मांझा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक के खुलते ही कर्मियों को भीड़ का सामना करना पड़ा. मार्च क्लोजिंग की वजह से विगत कई दिनों से ग्राहकों को कैश नहीं मिल रहा था. लोगों को गुरुवार को बैंक में पैसे मिलने की खबर मिली तो अचानक भीड़ बढ़ गयी और कर्मचारियों की कमी की वजह से बैंककर्मियों और ग्राहकों दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. इस बैंक में खाताधारकों की संख्या हजारों में है और मैनेजर को मिलाकर कर्मियों की संख्या मात्र तीन है. ग्राहकों का कहना है कि एटीएम में पैसा नहीं रहता है और बैंक में आने के बाद कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है.मीरगंज. शहर के बैंकों व एटीएम में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लग रही है. लगभग रोज बैंकों व एटीएम के सामने ग्राहकों की लंबी कतार देखी जा रही है. पैसे की निकासी को लेकर परेशान ग्राहक प्रतिदिन बैंकों व एटीएम समेत डाकघर में पहुंच रहे हैं. कतार में लगे ग्राहकों ने बताया कि बैंकों के आगे पर्याप्त जगह नहीं रहने से कतार सड़क पर पहुंच जाती है और इधर-उधर वाहन खड़ा कर दिये जाते हैं, जिससे एनएच 85 पर जाम लग जा रहा है. इससे एंबुलेंस, सवारी वाहन, स्कूल बस, रिक्शा समेत मीरगंज से गोपालगंज अथवा सीवान जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है. यह समस्या हथुआ मोड़ स्थित बीओआई व एचडीएफसी, थाना मोड़ स्थित एसबीआई व पीएनबी, राजेंद्र चौक स्थित केनारा बैंक व यूनियन बैंक आदि के सामने ज्यादा आ रही है.
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