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आतंकी फंडिंग में छात्रों के खाते का भी होता था इस्तेमाल, ATS ने मुकेश समेत नौ को मांगा रिमांड पर

Updated at : 28 Mar 2018 7:56 AM (IST)
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आतंकी फंडिंग में छात्रों के खाते का भी होता था इस्तेमाल, ATS ने मुकेश समेत नौ को मांगा रिमांड पर

II संजय कुमार अभय II गोपालगंज : टेरर फंडिंग के लिए पाकिस्तान से चलाये जा रहे नेटवर्क में छात्रों के नाम पर फर्जी खातों का इस्तेमाल किया गया है. एटीएस के अधिकारियों के सामने जांच के दौरान कई राज खुल कर सामने आये हैं. लश्कर-ए-तैयबा के लिए गोपालगंज में रह कर शेख अब्दुल नईम ने […]

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II संजय कुमार अभय II
गोपालगंज : टेरर फंडिंग के लिए पाकिस्तान से चलाये जा रहे नेटवर्क में छात्रों के नाम पर फर्जी खातों का इस्तेमाल किया गया है. एटीएस के अधिकारियों के सामने जांच के दौरान कई राज खुल कर सामने आये हैं. लश्कर-ए-तैयबा के लिए गोपालगंज में रह कर शेख अब्दुल नईम ने सोहैल खान बन कर पूरे नेटवर्क को मजबूत किया. उसने मॉड‍्यूल स्लीपर सेल तैयार किया, जिसके लिए पाकिस्तान से विभिन्न माध्यम से कैश उपलब्ध कराया गया. सुरक्षा एजेंसियां अब गंभीरता से जांच में जुटी हैं.
मांझा थाने के आलापुर के मुकेश प्रसाद का नेटवर्क गोरखपुर के कारोबारी भाइयों नसीम अहमद और अरशद नईम के साथ जुड़ा हुआ है. नईम से पाकिस्तानी हैंडलर की सीधी बातचीत होती थी. पाकिस्तान में सक्रिय चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हैंडलर उन्हें सीधे फोन कर फर्जी खाता खोलवाने और उसमें रुपये जमा करने का निर्देश देता था. उसके कहने पर वे लोग देश के विभिन्न हिस्सों में आतंक फैलाने के लिए रुपयों का इंतजाम करते थे और फर्जी नाम-पते से खोले गये खातों में रकम जमा करते थे. बाद में उसका इस्तेमाल आतंकियों द्वारा किया जाता है. एटीएस की छानबीन में पता चला है कि बिहार के कई जिलों में सीधे-साधे युवकों का इस्तेमाल भी टेरर फंडिंग जुटाने में किया गया है. देश की कई खुफिया एजेंसियां पूरे नेटवर्क पर काम कर रही है.
एटीएस ने मुकेश समेत नौ को रिमांड पर मांगा
गोपालगंज : उत्तर बिहार में लश्कर-ए-तैयबा के लिए टेरर फंडिंग जुटाने वाले नेटवर्क में शामिल गोपालगंज के मुकेश समेत उसके नौ साथियों को रिमांड पर लेने के लिए लखनऊ एटीएस की टीम ने लखनऊ कोर्ट में अर्जी दिया. कोर्ट बुधवार को उन्हें पुलिस कस्टडी में दे सकती है. पाकिस्तान से संचालित कुख्यात आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा के फंडिंग नेटवर्क से जुड़े इन अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर एटीएस को कई अहम इनपुट मिलने की उम्मीद है.
उत्तर भारत में मजबूत नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से जांच करने में जुटी है. बिहार में मुकेश के नेटवर्क में अभी कई लोगों के शामिल होने की संभावना को सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही है. एटीएस सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी.
एटीएस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यूपी के गोरखपुर, आजमगढ़, प्रतापगढ़ व लखनऊ, मध्य प्रदेश के रीवा और बिहार के गोपालगंज के मांझा थाना क्षेत्र के आलापुर के रहने वाले मुकेश कुमार कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था. उनके कब्जे से नकद 52 लाख रुपये, बड़ी संख्या में बैंकों के एटीएम डेबिट कार्ड व बैंक पासबुक समेत अन्य सामान बरामद हुए थे. एटीएस ने 9 अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर दिया था, जिससे वे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिये गये थे. मध्य प्रदेश से गिरफ्तार अभियुक्त उमा प्रताप सिंह को 25 मार्च को रीवा में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर लिया था. सोमवार को उसे लखनऊ लाया.
अब उसे कोर्ट में पेश करके पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और यह जानने के प्रयास में जुटी की उसके पास धन कहां-कहां से आया और कहां-कहां गया? उमा प्रताप के साथियों और सहयोगियों की तलाश में एमपी एटीएस की सहायता ली जा रही है.
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