मजिस्ट्रेट नहीं, माफिया देते हैं शपथपत्र
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Sep 2017 4:41 AM (IST)
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फर्जीवाड़ा. समाहरणालय के गेट पर खुलेआम बिक रहा दो सौ रुपये में मजिस्ट्रेट का जारी किया हुआ शपथपत्र शपथपत्र कानून में महत्वपूर्ण दस्तावेज है. पर यह दस्तावेज माफियाओं के हाथ का खिलौना बन गया है. यहां शपथपत्र बनाने से लेकर जारी करने तक का काम माफिया कर रहे हैं. आइए बताते हैं पूरा मामला. गोपालगंज […]
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फर्जीवाड़ा. समाहरणालय के गेट पर खुलेआम बिक रहा दो सौ रुपये में मजिस्ट्रेट का जारी किया हुआ शपथपत्र
शपथपत्र कानून में महत्वपूर्ण दस्तावेज है. पर यह दस्तावेज माफियाओं के हाथ का खिलौना बन गया है. यहां शपथपत्र बनाने से लेकर जारी करने तक का काम माफिया कर रहे हैं. आइए बताते हैं पूरा मामला.
गोपालगंज : गजब! यह दृश्य देख कर कुछ देर के लिये आप भी चौक जायेंगे. यह समाहरणालय का गेट है, जहां माफिया फुटपाथ पर बैठ कर फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट का शपथपत्र जारी कर रहे हैं. महज दो सौ रुपये में आपको मजिस्ट्रेट के द्वारा जारी किया गया शपथपत्र मिल जायेगा. इसके लिए एक घंटा का इंतजार करना होगा. उसके बाद आपको जो शपथपत्र मिलेगा, वह प्रशासनिक अधिकारियों के करप्शन की पोल खोलता हुआ मिलेगा. दरअसल जाली स्टांप पर शपथपत्र का कारोबार करनेवाले माफियाओं की पैठ काफी मजबूत है. समाहरणालय के गेट पर बेखौफ होकर मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी किया गया शपथपत्र बेचा जा रहा.
ऐसा नहीं कि जिम्मेदार महकमे को इसकी जानकारी नहीं है, फिर भी अधिकारियों की चुप्पी को आप खुद समझ सकते हैं. सड़क पर प्रतिदिन लाखों के जाली टिकट का खेल आज से नहीं वर्षों से चल रहा है. कभी -कभार कार्रवाई के नाम पर छापेमारी का कोरम पूरा किया जाता है. बात आयी गयी और खत्म हो गयी, लेकिन माफियाओं तक न तो प्रशासन पहुंच पाता है और न ही पुलिस.
कानून में क्या है शपथपत्र का महत्व : शपथपत्र नोटरी या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने अधिवक्ता के साथ उपस्थित होकर करना होता है. शपथपत्र पर हस्ताक्षर करने के पहले मजिस्ट्रेट या नोटरी को आश्वस्त होना पड़ता है कि आवेदक ने जो बातें अपने शपथपत्र में लिखी हैं, उससे सहमत हैं या नहीं. शपथपत्र पर आवेदक के हस्ताक्षर की पहचान अधिवक्ता को करनी है. शपथपत्र जारी करने वाले मजिस्ट्रेट या नोटरी के यहां रजिस्ट्रर में बाजाप्ता उसका नंबर दर्ज होता है, ताकि समय आने पर काम आये. शपथपत्र में वर्णित तथ्यों में एक शब्द भी गलत होने पर आवेदक पर कार्रवाई होना तय है.
दृश्य एक – जरा तस्वीर को गौर से देखिए. यह शपथपत्र सिर्फ नमूना है. माफियाओं की कारगुजारियों का. यह शपथपत्र सदर अनुमंडल के मजिस्ट्रेट के यहां से जारी किया हुआ है, लेकिन समाहरणालय के गेट पर इसे दो सौ रुपये में बेचा जा रहा. इस शपथपत्र पर आवेदक के हस्ताक्षर को किसी अधिवक्ता के द्वारा अभिप्रमाणित नहीं किया गया है.
दृश्य दो – समाहरणालय के गेट पर बुधवार को सादा शपथ पत्र बेचा जा रहा था. जिस पर आवेदक के बिना हस्ताक्षर किये अधिवक्ता के द्वारा अभिप्रमाणित कर दिया गया था.
इस शपथपत्र को दुकानदार आवेदक के सामने भर कर एफिडेविट जाली स्टांप लगा कर तैयार कर रहे थे.
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