ePaper

सड़क हादसे में श्रद्धा-भक्ति के साथ गुप्ता धाम जा रहे शिवभक्त की मौत

Updated at : 06 Feb 2026 6:28 PM (IST)
विज्ञापन
सड़क हादसे में श्रद्धा-भक्ति के साथ गुप्ता धाम जा रहे शिवभक्त की मौत

चेनारी में लोहे के बैरियर से टकराया श्रद्धालुओं से भरा वाहन

विज्ञापन

चेनारी में लोहे के बैरियर से टकराया श्रद्धालुओं से भरा वाहन

पलामू के दो श्रद्धालु गंभीर रूप से जख्मी

प्रतिनिधि, इमामगंज. श्रद्धा व भक्ति के साथ गुप्ता धाम में भगवान शिव के दर्शन के लिए निकले डुमरिया प्रखंड के वलीचक गांव के रहने वाले 45 वर्षीय योगेंद्र प्रसाद की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी, जबकि झारखंड राज्य के पलामू जिला अंतर्गत नौडीहा गांव के रहने वाले दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. उनका इलाज नारायण मेडिकल अस्पताल सासाराम में चल रहा है. श्रद्धा की यात्रा आस्था से शुरू हुई थी, लेकिन एक परिवार के लिए अंतहीन पीड़ा छोड़ गयी. इस घटना के संबंध में मृतक के बड़े पुत्र राहुल कुमार व मृतक के भाई रवींद्र प्रसाद ने बताया कि गुरुवार की संध्या छह बजे वलीचक गांव से योगेंद्र प्रसाद समेत गांव के तीन लोग व झारखंड राज्य के पलामू जिला अंतर्गत नौडीहा गांव से लगभग 11 लोग रोहतास जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गुप्ता धाम जा रहे थे. इसी दौरान श्रद्धालुओं से भरी सवारी गाड़ी चेनारी थाना क्षेत्र में दुर्घटना ग्रस्त हो गयी. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का वाहन प्रवेश निषेध के लिये लगाये गये लोहे के बैरियर से टकरा गया. इसमें योगेंद्र प्रसाद सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. सभी घायलों को नारायण मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां इलाज के दौरान योगेंद्र प्रसाद की मौत हो गयी. इस घटना में दो लोग को गंभीर रूप से घायल हो गये. शेष सभी लोग सुरक्षित बताये जा रहे हैं. इधर, मृतक के गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, तो परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल बना हुआ है. घर में मातम पसरा है और गांव में शोक का माहौल है.

मेहनती किसान थे योगेंद्र

योगेंद्र प्रसाद पेशे से किसान थे और खेती-बाड़ी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. परिवार में बूढ़े पिता रामेश्वर प्रसाद, पत्नी आशा देवी, पुत्र राहुल कुमार व रोहित कुमार और पुत्री राधा कुमारी है. मृतक के बड़े पुत्र राहुल 19 वर्ष के है. राहुल ने बताया कि उनके पिता बहुत मेहनती थे और सीमित आय के बावजूद बड़ी मुश्किल से पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभा रहे थे. पिता की मौत के बाद अब घर चलाना बेहद मुश्किल हो जायेगा. इस घटना के बाद मृतक के चाचा उमेश कुमार दांगी ने बताया कि मेरा भतीजा योगेंद्र प्रसाद परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट में आ गया है. खेती-बाड़ी कर अपने बड़े पुत्र को गया में रख कर पढ़ा रहे थे.

बेटे की मौत की खबर सुन पिता की आंखें नम

मैं सपना में भी नहीं सोचा था कि बेटे के शव को आज कांधा देना पड़ेगा. ये दिल को झकझोर देने वाला शब्द मृतक योगेंद्र प्रसाद के पिता रामेश्वर प्रसाद का है. हाहाकार की स्थिति तब होती है, जब बाप के रहते बेटे की अर्थी उठे. इससे बड़ा दुख बाप के जीवन में कभी नहीं होता है.

चार साल से लगातार जा रहे थे गुप्ता धाम

पिछले चार साल से योगेंद्र प्रसाद श्रद्धा और भक्ति की अटूट आस्था को लेकर भगवान शिव के दर्शन के लिए जाया करते थे. परंतु, इस बार गुप्ता धाम पहुंचने से पूर्व ही सड़क हादसे में मौत हो गयी. इस घटना के बाद परिजनों के बीच दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पूरा गांव में मातम पसरा है. परिजन भी गहरे सदमे में हैं.

विज्ञापन
KANCHAN KR SINHA

लेखक के बारे में

By KANCHAN KR SINHA

KANCHAN KR SINHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन