गया. ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी के राजवर्द्धन स्टेडियम में शुक्रवार को 26 वीं पासिंग आउट परेड की पूर्व संध्या पर मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले का भव्य आयोजन हुआ. इसमें अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अफसर कैडटों ने सेना के कौशल व शौर्य का अद्भूत प्रदर्शन किया. ओटीए ट्रेनिंग ग्राउंड में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया. मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले में पासिंग आउट परेड के निरीक्षण लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी जीओसी-इन-सी, पूर्वी कमान, और लेफ्टिनेंट जनरल सुकृति सिंह दहिया कमांडेंट ओटीए मौजूद रहे. पूरा स्टेडियम ऑफिसर कैडटों के कौशल के हर प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मान दिया. कार्यक्रम के दौरान 23 व 29 पेरा स्पेशल फोर्स के द्वारा रोबोटिक म्यूल का प्रदर्शन किया गया. आधा दर्जन से अधिक रोबोटिक म्यूल की परेड देख दर्शक अचंभित हुए. इसमें परेड का नेतृत्व कर रहे मुख्य रोबोट ने अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी व ओटीए कमांडेंट को अपने अंदाज में सलामी दी. सभी रोबोट का रिमोट से कंट्रोल किया जा रहा था. बताया गया कि युद्ध के समय रोबोटिक म्यूल का इस्तेमाल सैन्य साजो सामान को ढोने सहित मल्टी यूज में किया जा सकता है. एक बार बैट्री जार्च होने के बाद माइनस 50 डिग्री में भी 20 घंटे तक ऑपरेट किया जा सकता है. दुर्गम युद्ध क्षेत्र करीब 20 किलो वजन लेकर चल सकता है. खच्चरनुमा रोबोटिक म्यूल लुढकने (रोलिंग) के बाद चारों पैर निकालकर त्वरित रूप से खड़ा हो जाता है. वहीं केरल के प्राचीन कलारीपयट्टू मार्शल आर्ट का प्रदर्शन से अफसर कैडटों व अन्य ने सभी मौजूद दर्शकों का अचंभित कर दिया.
पैराशूट से कूदे, चिह्नित जगह पर उतरे
पैराशूट ब्रिगेड की कॉम्बैट फ्री-फॉल टीम ने हैरत अंगेज प्रदर्शन किया. आसमान में हेलिकॉप्टर की मदद से जो जमीन से बमुश्किल दिख रही थी, 10 हजार फीट की उंचाई से पांच पारा ग्लाइडर कूदे. जमीन से पांच हजार की उंचाई पर सभी ने पैराशूट खोला तो दर्शक सभी को देख पाये. सभी पारा ग्लाइडर समन्वय के साथ हवा के तेज थपेड़ों के बावजूद स्टेडियम में चिह्नित जगह पर अद्भुत बैलेंस के साथ उतरे. पांचों ग्लाइडर के प्रदर्शन ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी.एयरक्राफ्ट ने तिरंगा व सैन्य ध्वज लेकर किया फ्लाइ पास्ट
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा सेना का हवाई कौशल. जिसमें प्लाइंग रैबिट्स (माइक्रो लाइट एयरक्रॉफ्ट) टीम ने राष्ट्रीय ध्वज, सेना ध्वज और ओटीए ध्वज, ओटीए का बैनर लेकर शानदार फ्लाइ पास्ट किया. उनकी सटीक लैंडिंग और गहरी नोज डाइव देख दर्शक अचंभित हो गये. माइक्रो लाइट एयरक्रॉफ्ट ने स्टेडियम की जमीन को छूकर लैंडिंग कौशल देखकर दर्शकों ने सांसें थाम ली.घुड़सवारी व जिमनास्टिक का प्रदर्शन
मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले में सेना की कई रोमांचक गतिविधियों का प्रदर्शन हुआ. इसमें घुड़सवारी व जिमनास्टिक जो ऑफिसर कैडेटों ने ओटीए में ट्रेनिंग के दौरानी खीखा, इसका बेहतर प्रदर्शन किया. दो जीपों के बीच से घोड़े की डाइविंग, तेज दौड़ते घोड़े पर से सवार द्वारा जमीन पर पड़े चीजों को झूक कर उठाना, दौड़ते घोड़े से मटका फोड़ना व अन्य का प्रदर्शन सराहनीय रहा. मेजर सौरभ दास, मुकेश कुमार, परिणति गौर, अक्षय कुमावत व अन्य ने प्रदर्शन से खूब वाह वाही बटोरी.
पासिंग आउट परेड में सेना को मिलेंगे 163 अफसर
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी गया में आठ मार्च को अपनी 26 वीं पासिंग आउट परेड आयोजित होगी. ओटीए गया से पहली बार शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (पुरुष) और शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (महिला) कोर्स पूरा कर कैडेट्स भारतीय सेना में शामिल होंगे. इसमें 143 पुरुष ऑफिसर कैडेट्स (एसएसी टेक 62) और 18 महिला ऑफिसर कैडेट्स (एसएससी टेक 33) को भारतीय सेना में कमीशन दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

