Gaya News: ठंड में हाई ब्लड प्रेशर का हो सकते हैं शिकार, सांस की बीमारी है तो सावधानी बहुत जरूरी

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 02 Dec 2024 11:26 AM

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Gaya News: ठंड का मौसम सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए परेशानी भरा होता है. खास कर अस्थमा और टीबी रोगियों को ऐसे मौसम में काफी दिक्कत होती है.

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Gaya News: ठंड के शुरुआती दौर में ही अधिक लोग बीमार होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, इसमें ब्रेन हेमरेज के अधिक मरीज आ रहे हैं. एएनएमएमसीएच में हर दिन पांच से छह मरीज पहुंच रहे हैं. पिछले छह दिनों में ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या 30 से अधिक हो गयी है. मेडिसिन के डॉ एनके पासवान ने बताया कि ठंड के शुरुआती दौर में लोग बहुत ही लापरवाह रहते हैं. ब्लड प्रेशर के मरीज समय पर दवा नहीं लेते हैं. इस कारण यह स्थिति आती है. ठंड के दिनों में कोलेस्ट्रोल व शुगर को भी मेंटेन रखने के बाद ही इस तरह के खतरनाक बीमारी से बच सकते हैं. उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीजों को मेडिकल कॉलेज बहुत ही देर से लाया जाता है. इस कारण उन्हें बचाना संभव नहीं हो पाता है. इस मौके में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का प्रकोप भी लोगों को प्रभावित करता है. बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुर्जुगों के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखने और ठंड से बचाव के हरसंभव प्रयास करना जरूरी है. ठंड का लगना खतरनाक होता है और इसका असर लंबे समय तक रहता है. ठंड के समय में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाये रखने पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण फ्लू और दूसरी बीमारियों की चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है.

इस स्तर पर भी सावधान रहना जरूरी

इस मौसम में बुजुर्ग, बच्चों व गर्भवती महिलाओं में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है, इसलिए उन्हें विशेष मास्क पहनना चाहिए और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी और गले में खराश का होना आम बात है. लेकिन, यदि इसका इलाज नहीं किया गया तो यह गंभीर हो जाता है. उन्होंने बताया कि ठंड का मौसम सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए परेशानी भरा होता है. खास कर अस्थमा और टीबी रोगियों को ऐसे मौसम में काफी दिक्कत होती है. ठंड में हवा का घनत्व बढ़ने और तापमान कम होने से प्रदूषण बढ़ जाता है. ऐसे समय में मास्क का इस्तेमाल आवश्यक है. अस्थमा रोगी अपने साथ आवश्यक दवा रखें. श्वसन संबंधी व्यायाम लाभदायक है. खानपान में एहतियात बरतें और स्वस्थ्य आहार लें. रोजाना गुनगुना पानी पियें. ठंड के मौसम में कब्ज की शिकायत भी रहती है.

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जोड़ों में दर्द और हाई बीपी की समस्या

सर्दी के मौसम में नसें संकुचित होने से जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है. इससे रक्त का प्रवाह सही प्रकार से नहीं हो पाता है. इस वजह से जोड़ों में दर्द और शरीर में अकड़न की भी समस्या होती है. इससे बचाव के लिए मालिश और सही व्यायाम जरूरी है. रोजाना दर्द वाले स्थान पर मालिश करें. धूप सेकें और जिन अंगों के जोड़ में दर्द रहता है उसे गर्म रखें. इसके लिए गर्म पाजामा, मोजा, वुलेन शर्ट व स्वीटर पहनें. ठंडी प्रकृति वाले भोजन नहीं करें. रोजाना ताजा और गर्म खाना ही खायें.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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