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केवीके कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल

Updated at : 17 Nov 2025 4:59 PM (IST)
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केवीके कर्मचारियों की कलमबंद हड़ताल

समानता व सेवा शर्तों को लेकर जताया विरोध

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समानता व सेवा शर्तों को लेकर जताया विरोध प्रतिनिधि, शेरघाटी. फोरम ऑफ केवीके व एआइसीआरपी के आह्वान पर देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों में सोमवार को एक दिवसीय कलम बंद हड़ताल हुई. इसे बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की केवीके इंप्लाइज एसोसिएशन ने समर्थन दिया. आमस स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में भी कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य वेतन समानता, समय पर वेतन-भत्ता भुगतान, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण जैसे सेवानिवृत्ति लाभों को सभी केवीके में समान रूप से लागू कराने की मांग रखना था. कर्मचारियों का आरोप है कि आइसीएआर के अधीन केवीके की तुलना में गैर-आइसीएआर केवीके कर्मचारियों के साथ वेतनमान व पदोन्नति में भेदभाव हो रहा है, जिससे कार्य माहौल प्रभावित हो रहा है. विरोध में सभी राज्यों के केवीके शामिल रहे और नियमित प्रशिक्षण व विस्तार गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोककर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. फोरम ने परोडा समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करने तथा वन नेशन, वन केवीके, वन पॉलिसी को प्रभावी बनाने की मांग दोहराई. इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मंच के संयुक्त सचिव डॉ. पंकज तिवारी, वरीय वैज्ञानिक व प्रधान इं. विमलेश पांडेय समेत सुनील कुमार, प्रभात कुमार, अजीत कुमार व वीरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे. फोरम ने केंद्र व राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांग जल्द पूरी करने की अपील की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KANCHAN KR SINHA

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