आधुनिक धर्मशाला में तीर्थयात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं, 89 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण

Gayaji Dharmshala
Gayaji Dharmshala: ऐतिहासिक और धार्मिक शहरों में शामिल गयाजी में रोजाना बड़ी संख्या में तीर्थयात्री देश-विेदेश से आते हैं. आए दिन यहां तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार उच्च स्तरीय सुविधाओं के विकास पर बल दे रही है. इस कड़ी में यहां आधुनिक गयाजी धर्मशाला का निर्माण किया जा रहा है.
Gayaji Dharmshala: ऐतिहासिक और धार्मिक शहरों में शामिल गयाजी में रोजाना बड़ी संख्या में तीर्थयात्री देश-विेदेश से आते हैं. पितृपक्ष में यहां तीर्थयात्रियों की हुजूम उमड़ती है. यहां लोग अपने पितरों के पिंडदान कर मोक्ष की कामना करते हैं. आए दिन यहां तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार उच्च स्तरीय सुविधाओं के विकास पर बल दे रही है. इस कड़ी में यहां आधुनिक गयाजी धर्मशाला का निर्माण किया जा रहा है. यह धर्मशाला शहर के वार्ड 41 के चांद-चौरा मोहल्ले में बनाया रहा है.
तीर्थयात्रियों को मिलेंगी उच्च स्तरीय सुविधाएं
मिली जानकारी के अनुसार गयाजी में इस धर्मशाला का निर्माण पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है. यहां तीर्थयात्रियों के लिए उच्च स्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी. यहां जी प्लास फाइव भवन का निर्माण किया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसका करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. गयाजी धर्मशाला को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है. यह धर्मशाला पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा.
5 एकड़ पर बन रहा भवन
इस धर्मशाला का निर्माण पांच एकड़ जमीन पर किया जा रहा है. इसमें किल 1080 बेडों की व्यवस्था होगी. साथ ही चार लिफ्ट, आठ सीढ़ियां, कार पार्किंग, डायनिंग के साथ किचेन, जेनरल स्टोर, सुधा स्टोर, आईसक्रीम पार्लर आदि की भी व्यवस्था रहेगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
89 करोड़ की आएगी लागत
गयाजी धर्मशाला के निर्माण पर कुल 89 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यहां 38 बस पार्किंग के साथ 303 कार पार्किंग की सुविधा होगी. इतना ही नहीं यहां सोलर पावर जेनरेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा. इस गयाजी धर्मशाला परिसर में पार्क की भी सुविधा रहेगी. यहां तीर्थयात्रियों के एक कमरे में डबल बेड के साथ एसी की व्यवस्था समेत रूम में आधुनिक शौचालय व किचन की भी व्यवस्था रहेगी.
इसे भी पढ़ें: बिहार की 60 हजार दलित बस्तियों की बदलेगी किस्मत, जल्द होगा समस्या का समाधान
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rani Thakur
बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




