Gaya News: 324 करोड़ की लागत से बना गयाजी डैम मार्च में ही बुराहल, कुंड खोदकर निकाल रहे पानी
80 प्रतिशत तक घट गया है गयाजी डैम का जलस्तर
Gaya News: 411 मीटर लंबा और तीन मीटर ऊंचा फल्गु नदी के सतही व उप-सतही जल प्रवाह को रोककर जल का संचयन किया गया. ठहरे हुए पानी की समय- समय पर सफाई के लिए चार बोरवेल की स्थापना की गयी. स्थानीय लोगों की माने तो कभी-कभी केवल एक बोरवेल चालू किया जाता है.
Gaya News: फल्गु नदी के देवघाट और सीता कुंड के बीच करीब 324 करोड़ की लागत से बने गयाजी डैम में गर्मी शुरू होने के साथ ही करीब 80 प्रतिशत जलस्तर घट गया है. वहीं, बचा पानी प्रदूषित रहने के कारण अनुपयोगी साबित हो रहा है. बरसात के बाद पितृपक्ष मेले तक बारिश के पानी से इसका जलस्तर ठीक-ठाक था, लेकिन मेला समाप्ति के बाद मेंटेनेंस व रखरखाव के अभाव में गर्मी शुरू होने के साथ जलस्तर तेजी से गिरा है. इन दिनों पिंडदान के प्रतिदिन औसतन 10 हजार तीर्थयात्री यहां आ रहे हैं. ऐसे में पानी की कमी के कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. गौरतलब है कि बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2019 में इस डैम का निर्माण शुरू कराया गया था. 324 करोड़ रुपये में इस डैम का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आठ सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया.
चैत की पहली तारीख से वैशाख पूर्णिमा तक दो माह का मिनी पितृपक्ष चल रहा
डैम का जलस्तर कमने से पिंडदान के निमित्त आ रहे तीर्थयात्रियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. मेला क्षेत्र में देवघाट के पास केवल एक ही चापाकल रहने से अधिकतर तीर्थयात्री नदी में कुंड खोदकर पानी की अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं. तीर्थवृत्ति सुधारिणी सभा के अध्यक्ष गजाधर लाल कटरियार ने बताया कि वैसे तो सालों भर तीर्थयात्रियों का यहां आना होता है. लेकिन पितृपक्ष व मिनी पितृपक्ष मेले में तीर्थयात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है. चैत माह की पहली तारीख से वैशाख पूर्णिमा तक दो माह का मिनी पितृपक्ष मेला लगा हुआ है. प्रतिदिन औसतन 10 हजार तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं. अवासन क्षेत्र में रहने वाले तीर्थयात्रियों को तीर्थ पुरोहित से पानी की मदद मिल जाती है, लेकिन जो सीधे मेला क्षेत्र पहुंचते हैं उन्हें पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है.
डीएम ने की थी बैठक
गयाजी डैम के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा संबंधित विभागों के साथ 25 फरवरी 2025 को बैठक आयोजित की गयी थी. गयाजी डैम को स्वच्छ व निर्मल के साथ-साथ जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संबंधित विभाग के पदाधिकारी को जरूरी निर्देश भी दिये गये थे. लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी डीएम के निर्देश का अनुपालन नहीं हो सका है. बैठक में विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के पुरोहितों, समाज सेवी सहित अन्य पुरोहितों के साथ साथ जिला वन पदाधिकारी, नगर आयुक्त व गयाजी डैम के कार्यपालक अभियंता के साथ विचार विमर्श किया गया था. बैठक में डीएम ने कहा था कि गयाजी डैम के पानी को मेंटेन रखने के लिए चार डीप बोरिंग की गयी थी, सभी बोरिंग को अगले दो दिनों के अंदर फंक्शनल करवाते हुए चालू करवाने का निर्देश दिया था. इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बोरिंग करवाने का भी सुझाव दिया था.
क्या बोले डीएम
गया के डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने कहा कि संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा स्थिति को रिव्यू किया जा रहा है. कहीं-कहीं टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण विभाग के कर्मचारियों को काम करने में दिक्कतें आ रही है. समस्या को चिन्हित कर लिया गया है. बहुत जल्द मोटर पंप चालू कर गयाजी डैम के जलस्तर को मेंटेन कर दिया जायेगा.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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