गया जी में बालू खदान के गड्ढे में डूबने से 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, इन पर लगाया आरोप

Published by : Sakshi kumari Updated At : 11 Jun 2026 12:21 PM

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घटनास्थल पर पुलिस और ग्रामीण

Gaya Ji News: निलांजन नदी के मंझोली घाट पर बालू निकासी से बने गहरे गड्ढे में डूबने से 60 वर्षीय जठु मिस्त्री की मौत हो गई. गुरुवार सुबह उनका शव पानी में तैरता मिला.

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गया जी से ओमकार सिन्हा की रिपोर्ट
Gaya Ji News:
गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. निलांजन नदी के मंझोली घाट पर बालू निकासी से बने गहरे गड्ढे में डूबने से 60 वर्षीय जठु मिस्त्री की मौत हो गई. गुरुवार सुबह उनका शव पानी में तैरता मिला, जिसके बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बालू संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

घर से निकले थे चारा-पानी देने

जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय जठु मिस्त्री बुधवार सुबह घर से पशुओं को चारा-पानी देने के लिए निकले थे. देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. गुरुवार सुबह निलांजन नदी में बने गहरे गड्ढे के पानी में उनका शव तैरता हुआ मिला.

बालू निकासी से बने गड्ढे में डूबने की आशंका

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस गड्ढे में जठु मिस्त्री का शव मिला, वह बालू निकासी के दौरान बनाया गया था. ग्रामीणों के अनुसार यह गड्ढा बीके इंटरप्राइजेज के संवेदक द्वारा बालू खनन के दौरान छोड़ा गया था, जो अब हादसों का कारण बन रहा है. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए. माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जतानी शुरू कर दी.

पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने किया विरोध

सूचना मिलते ही बाराचट्टी, मोहनपुर और डोभी क्षेत्र की पुलिस टीम शेरघाटी-2 डीएसपी रंजन कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची. बाराचट्टी अंचल अधिकारी (सीओ) भी घटनास्थल पर पहुंचे. हालांकि, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को पानी से बाहर निकालने की प्रक्रिया का विरोध किया और पहले कार्रवाई की मांग करने लगे.

ग्रामीणों ने बालू संवेदक पर लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है. उनका कहना है कि संबंधित संवेदक निर्धारित घाट की बजाय दूसरे क्षेत्रों में भी बालू निकासी कर रहा है, जिससे नदी किनारे कई खतरनाक गड्ढे बन गए हैं. आक्रोशित ग्रामीणों ने संवेदक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

प्रशासन ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जठु मिस्त्री की मौत के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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Sakshi kumari

लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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