गया-डाल्टेनगंज रेल लाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में शुरू हुई मिट्टी की जांच

Updated:
विज्ञापन

जांच कर रहे कर्मी

Gaya Ji-Daltonganj Rail Project: गया-डाल्टेनगंज नई रेल लाइन परियोजना को गति मिली है. रेलवे की टीम ने डुमरिया समेत कई क्षेत्रों में मिट्टी की जांच शुरू कर दी है. 136.88 किमी लंबी रेल लाइन से बिहार और झारखंड को लाभ मिलेगा.

विज्ञापन

गया जी से रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट
Gaya Ji-Daltonganj Rail Project:
गया जी से डाल्टेनगंज तक प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर काम तेज हो गया है. रेलवे विभाग ने परियोजना के लिए मिट्टी की जांच शुरू कर दी है. डुमरिया समेत कई इलाकों में रेलवे अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पहुंचकर नमूने एकत्र कर रही है. इस परियोजना के पूरा होने से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा.

गया-डाल्टेनगंज रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

गया-डाल्टेनगंज नई रेलवे लाइन परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में रेलवे विभाग ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम डुमरिया प्रखंड के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंची तथा मिट्टी की जांच का कार्य शुरू किया. सबसे पहले कोल्हुवार पंचायत के पिडरवां आहर के पास बोरिंग कर मिट्टी के नमूने लिए गए. जांच रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय भेजी गई है.

कई क्षेत्रों में हो रही है मिट्टी की जांच

सूत्रों के अनुसार परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. डोभी, शेरघाटी, रोशनगंज, बांकेबाजार, लुटुआ, शकरपुर और डुमरिया क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मिट्टी की जांच की जा चुकी है. विशेषज्ञ नमूनों का परीक्षण कर यह तय करेंगे कि रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए जमीन कितनी उपयुक्त है और किन स्थानों पर विशेष इंजीनियरिंग उपायों की आवश्यकता होगी.

446.25 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी रेल लाइन

केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 446.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसके तहत 136.88 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. परियोजना को क्षेत्र की महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी योजनाओं में शामिल माना जा रहा है.

गया जी की खबरें यहां पढ़ें

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा रेल संपर्क

प्रस्तावित रेल मार्ग गया जिले के गुरुआ, शेरघाटी, बांकेबाजार, इमामगंज, मैगरा और डुमरिया से होकर झारखंड के नौडीहा बाजार तथा डाल्टेनगंज तक जाएगा. रेल लाइन बनने के बाद बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा.

यात्रियों, किसानों और व्यापारियों को होगा लाभ

रेल परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों की आवाजाही आसान होगी. इसके साथ ही कृषि, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से स्थानीय उत्पादों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की संभावना है. मिट्टी जांच और डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी. रेलवे विभाग तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य की रूपरेखा तय करेगा. स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि परियोजना का निर्माण कार्य कब शुरू होता है.

Also Read: BPSC 70वीं परीक्षा में RDO बने गया जी के निशांत कुमार, इस दिन बांकेबाजार में होगा भव्य सम्मान

विज्ञापन
साक्षी कुमारी

लेखक के बारे में

By साक्षी कुमारी

साक्षी कुमारी को डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 वर्षों का अनुभव है. पिछले तीन वर्षों से वह डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. उन्हें राजनीति, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग और लेखन का अनुभव है. बिहार की राजनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization) की भी अच्छी समझ है, जिससे वह पाठकों तक समय पर और प्रभावी ढंग से खबरें पहुंचाने में दक्ष हैं. तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यशैली है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन