पति का शव बिहार ला रही पत्नी की भी एकसाथ जली चिता, दो सड़क हादसों ने तीन मासूमों को बनाया अनाथ
Published by : ThakurShaktilochan Sandilya Updated At : 12 Aug 2025 7:08 PM
दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस और मुखाग्नि देने वाला बेटा
Bihar News: दिल्ली से अपने पति के शव को बिहार लेकर आ रही पत्नी की भी मौत सड़क हादसे में हो गयी. गया के गांव में दोनों की चिता एकसाथ जली. तीन बच्चों के सिर पर से मां-बाप का साया उठ गया.
बिहार के गया जिले के गुरुआ विधानसभा क्षेत्र के ददनापुर गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत सड़क हादसे में हो गयी. दिल्ली में हुए एक हादसे में 36 वर्षीय वरुण कुमार की मौत हो गयी थी. जिसके बाद सोमवार को उनका शव एंबुलेंस से गांव लाया जा रहा था. रास्ते में उत्तर प्रदेश के भदोही में कंटेनर से टक्कर में वरुण की पत्नी और साली की मौके पर मौत हो गयी, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया. ददनापुर गांव में मंगलवार को एकसाथ पति-पत्नी की चिता जली. दो दिनों में तीन बच्चे अनाथ हो गए. माता-पिता का साया मासूमों के सिर से उठ गया.
एकसाथ जली पति-पत्नी की चिता
ददनापुर गांव में मंगलवार सुबह जैसे ही वरुण कुमार और उनकी पत्नी श्वेता कुमारी का शव पहुंचा, पूरे गांव में मातम छा गया. अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग उमड़ पड़े. दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया. आठ वर्षीय बेटे तनिष्क कुमार ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी, तो हर किसी की आंखें नम हो गयीं.
ALSO READ: बिहार में बाढ़ और 48 घंटे में डूबने से 26 से अधिक मौत, सगी बहनों और मासूम भाई-बहन की एकसाथ उठी अर्थी
दिल्ली के हादसे में हुई पति की मौत, रक्षाबंधन के दिन तोड़ा दम
दरअसल, ददनापुर निवासी बालदेव प्रसाद के 36 वर्षीय पुत्र वरुण कुमार दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते थे और एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे. आठ अगस्त को किसी काम से लौटते समय कुत्ते को बचाने के दौरान बाइक सवार वरूण हादसे का शिकार बन गए. गंभीर रूप से घायल वरुण का इलाज चल रहा था, लेकिन रक्षाबंधन के दिन उनकी मौत हो गयी.

पति का शव ला रही थी पत्नी, रास्ते में सड़क हादसे का बन गयी शिकार
वरुण का पार्थिव शरीर दिल्ली से ददनापुर लाया जा रहा था. साथ में उनकी पत्नी, साली, भाई और अन्य परिजन एंबुलेंस में थे. सोमवार सुबह भदोही जिले में एंबुलेंस चालक को झपकी आ गयी और वाहन सड़क किनारे खड़े कंटेनर से टकरा गया. हादसे में पत्नी श्वेता, उनकी जेठ साली और चालक की मौके पर मौत हो गयी, जबकि कई लोग घायल हो गये.

सिर से उठा मां-बाप का साया
दो दिन में माता-पिता को खोने से तीन मासूम बच्चे अनाथ हो गये हैं. सबसे बड़ी माही कुमारी की उम्र 12 वर्ष है, जबकि तनिष्क आठ साल का है. तीसरा सबसे छोटा भाई भी मासूम है. परिजनों के अनुसार, पिता की मौत के बाद बच्चों ने दो दिन तक कुछ नहीं खाया. अब माही पर भाई-बहनों की परवरिश की जिम्मेदारी आ गयी है, लेकिन वह खुद अभी नाबालिग है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ThakurShaktilochan Sandilya
डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










