सर, मां बीमार रहती है, पास कर दीजिएगा....मैट्रिक की कॉपियों में मिल रहे इमोशनल मैसेज

Updated at : 10 Mar 2026 10:57 PM (IST)
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सर, मां बीमार रहती है, पास कर दीजिएगा....मैट्रिक की कॉपियों में मिल रहे इमोशनल मैसेज

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य जिले में समाप्त हो गया है. 27 फरवरी से शुरू हुआ यह मूल्यांकन कार्य 10 मार्च तक निर्धारित था.

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गया जी. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य जिले में समाप्त हो गया है. 27 फरवरी से शुरू हुआ यह मूल्यांकन कार्य 10 मार्च तक निर्धारित था. जिले के छह मूल्यांकन केंद्रों पर कुल 3,10,586 उत्तरपुस्तिकाओं की जांच पूरी कर ली गयी है. वहीं, दूसरी ओर मैट्रिक की कॉपियों की जांच अभी जारी है, जिसमें छात्रों के अजीबोगरीब हथकंडे और पास करने की मिन्नतें सामने आ रही हैं. जिले के अन्य छह केंद्रों पर दो मार्च से मैट्रिक कॉपियों का मूल्यांकन कार्य जारी है, जो 13 मार्च तक चलेगा. पड़ताल के दौरान परीक्षकों ने बताया कि पास होने के लिए छात्र कॉपियों में तरह-तरह के इमोशनल संदेश लिख रहे हैं. एक कॉपी में लिखा मिला, सर, स्कूल में पढ़ाई नहीं हुई है, जितना पढ़े थे उतना लिख दिये हैं, नंबर अच्छे से दीजिएगा. एक अन्य परीक्षार्थी ने लिखा, मेरी मां बीमार रहती है, ठीक से पढ़ाई नहीं कर पायी हूं, सर फेल मत कीजिएगा. इतना ही नहीं, कई कॉपियों में धार्मिक चिह्न, नारे और प्रतीक बनाये गये हैं. हद तो तब हो गई जब कुछ परीक्षार्थियों ने कॉपी में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर परीक्षकों से कॉल करने की अपील तक कर डाली.

महावीर इंटर कॉलेज से बिना बारकोड वाली तीन कॉपियां वापस बोर्ड को भेजी जायेंगी

इंटर मूल्यांकन के लिए बनाये गये छह केंद्रों में महावीर इंटर कॉलेज (55,983 कॉपियां), हादी हाशमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (54,984), प्लस टू हाइस्कूल चाकंद (48,645), रामरूचि बालिका इंटर स्कूल (51,717), प्लस टू काशमी हाइस्कूल (48,397) और प्लस टू हाइस्कूल चंदौती (50,860) शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि महावीर इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र से तीन उत्तरपुस्तिकाओं पर बारकोड अंकित नहीं होने के कारण उन्हें वापस बोर्ड को भेजा जायेगा.

क्या इन संदेशों से मिलते हैं नंबर?

इन भावुक संदेशों और अजीबोगरीब अपीलों पर परीक्षकों का रुख बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने बताया कि बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कई स्तरों पर बेहद सख्ती से किया जाता है. परीक्षक इन बेतुकी बातों या फोन नंबरों पर कोई तवज्जो नहीं देते हैं. छात्रों को अंक सिर्फ उनके द्वारा लिखे गए सही उत्तरों के आधार पर ही दिये जाते हैं.

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PRANJAL PANDEY

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