Gaya News: 41.32 करोड़ की लागत से गया में होगा विकास का काम, मेयर ने जारी किया आदेश
बैठक में शामिल मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त व अन्य
Gaya News: गया शहर के मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में शनिवार को कई अहम प्रस्ताव पास किया गया. इसमें बताया गया कि शहर में विकास के कामों के लिए 41.32 करो रुपये खर्च किये जायेंगे.
Gaya News: गया शहर के 53 वार्डों में रोड व गली-नाली पर 41.32 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इसका प्रस्ताव स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में पारित कर दिया गया. विकास योजनाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी. इसके अलावा जलापूर्ति व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, परिवारिक पेंशन लाभ, सुपर डीलक्स शौचालय का निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा के बाद सशक्त स्थायी समिति की बैठक में प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान व मेयर की अनुमति से संचालन सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने किया. सबसे पहले निगम में परिवारिक पेंशन लाभ देने को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया.
आपस में भिड़े दो सदस्य
बैठक के दौरान डिप्टी मेयर चिंता देवी ने सफाईकर्मियों सहित अन्य पेंशन आश्रितों को पारिवारिक पेंशन लाभ देने का मुद्दा उठाया. चर्चा के बाद मेयर गणेश पासवान व स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि लगातार बैठक के दौरान दर्जनों बुजुर्ग महिला यहां अपनी बंद पेंशन को लेकर बात रख रही हैं. ऐसे में इनकी समस्या का निराकरण भी शीघ्र होना ही चाहिए, चर्चा के दौरान जानकारी मिली कि पांच साल से निगम के रिटायर्ड सफाईकर्मियों को परिवारिक पेंशन लाभ नहीं मिल रहा है. बैठक में निर्णय हुआ कि बंद पड़े परिवारिक लाभ पेंशन चालू किया जाये. इधर बैठक शुरू होते ही स्टैंडिंग कमेटी के दो सदस्य विनोद कुमार व धर्मेंद्र कुमार कनीय अभियंता को दोबारा रखने के नाम पर आपस में भिड़ गये.
विभाग से निर्देश के बाद ही बनेगा मिनी जलापूर्ति केंद्र
बैठक में स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में गंगाजल पहुंचाने की योजना में भी कई मुहल्लों में पाइप लाइन नहीं बिछाया गया है. इसलिए वहां मिनी जलापूर्ति केंद्र ( बैट ) के सहारे पानी उपलब्ध करायी जाये. सदस्य मनोज कुमार ने कहा कि बुडको से पानी नहीं पहुंचाया जा सका, पर शहर में रोड को जरूर ही खराब कर दिया गया. इस पर नगर आयुक्त कुमार अनुराग ने कहा कि पानी लोगों के घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बुडको की है. लोगों को दिक्कत होने पर बुडको इसका जवाब देगा. उन्होंने कहा कि वार्ड में बैट लगाने के लिए विभाग से स्वीकृति लेनी होगी.
चला ही नहीं और मरम्मत कराने में खर्च होंगे लाखों रुपये
ब्रह्मसत तालाब में गया की धार्मिक गाथा व निगम के कामों को दिखाने के लिए लाइट एंड साउंड सिस्टम करोड़ों रुपये खर्च कर लगाया गया. अब इसकी मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च होंगे. बैठक में सिस्टम लगाने वाली एजेंसी के इंजीनियर से यहां के सहायक अभियंता को बात कर एस्टिमेट बनाने का निर्देश दिया गया.
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ऑफिस में बैइठ के खाली चाय पीय ह
बैठक के बीच में काम नहीं होने से खीज निकालती हुई डिप्टी मेयर चिंता देवी ने एकाएक कहा कि ऑफिस में बइठ के खाली चाह पीय ह. इ-ऊ चिट्ठी के ना पर सिर्फ काम न करे थ. इ हाल रहलो तो हमनी के यहां आबे का कोई फायदा न हो. इनके इस बात पर सभी लोग हंसते हुए एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे.
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अवैध शौचालयों के संचालक को नोटिस देने का निर्देश
शौचालय पर चर्चा के दौरान सिटी मैनेजर आसिफ सेराज ने कहा कि शहर में कई जगहों पर पुराने शौचालय पर कब्जा करके अवैध रूप से चलाया जा रहा है. नगर आयुक्त ने कहा कि अवैध संचालित शौचालयों के संचालक को नोटिस दें. उनसे खाली कराकर कब्जे में ले लें. स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे में बेहतर अंक मिलें, इसे लेकर नगर निगम पूरी तरह गंभीर दिखा. स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में कई शौचालय अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं. पूर्व के बैठक में भी जर्जर शौचालय को तोड़कर सुपर डीलक्स शौचालय बनाने का निर्णय हो चुका है. संबंधित प्रशासक ने संचालनकर्ता का एकरारनामा के कागजात भी संतोषजनक नहीं है. बैठक में रेलवे स्टेशन के समीप, निगम कार्यालय के पीछे, गांधी मैदान चर्च रोड समीप, जिला स्कूल के अंदर, सरोगी होटल के सामने, ढोलकिया गली, गोदाम,राम सागर तालाब में डीलक्स शौचालय बनाने का निर्णय लिया गया.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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