'आपके नाम पर वारंट इश्यू हुआ है, मनी लांड्रिंग का केस है', टीचर को डिजिटल अरेस्ट कर 13 लाख रुपये उड़ाए
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Dec 2025 4:16 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Teacher Digital Arrest: बिहार के गया में अशोक कुमार नाम के शिक्षक को गिरफ्तारी वारंट इश्यू होने का डर दिखा कर उनसे 13 लाख रुपये ठग लिए. अशोक कुमार ने जब इस बारे में बताया तो पुलिस के होश उड़ गए. आइये जानते हैं अशोक कुमार कैसे अपराधियों की बातों में आकर पैसा गंवा बैठे.
Bihar Teacher Digital Arrest, रोशन कुमार: मनी लांड्रिंग सहित अन्य मामलों से संबंधित ग्रेटर मुंबई में 78 केस दर्ज होने और गिरफ्तारी वारंट इश्यू होने का भय दिखा कर साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों ने गया जिले के प्लस टू हाइस्कूल चाकंद में पोस्टेड एक शिक्षक अशोक कुमार को डिजिटल अरेस्ट किया और उनसे 13 लाख रुपये की ठगी कर ली. इस मामले को लेकर नालंदा जिले के हरनौत के श्रीचंदपुर गांव के रहनेवाले शिक्षक अशाेक कुमार के बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है.
कैसे चंगुल में फंसे शिक्षक, देखिये पूरा घटनाक्रम
पीड़ित शिक्षक ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह 19 वर्षों से प्लस टू हाइस्कूल चांकद में शिक्षक हैं और चाकंद स्टेशन के पास रहते हैं. उनके मोबाइल फोन पर एक नंबर से कॉल आया. कॉल करनेवाले ने अपना परिचय दूरसंचार विभाग नयी दिल्ली का अधिकारी बताया.
उस अधिकारी ने उन्हें डराते हुए कहा कि उनके आधार नंबर से एक सिम निर्गत है. उस सिम के जरिये बड़े पैमाने पर लोगों के डराने, धमकाने, हृास करने व मनी लांड्रिंग का कारोबार हो रहा है और 78 मामले ग्रेटर मुंबई के कोलबा थाने में दर्ज हैं.
कंप्लेन नंबर के जरिये उनके विरुद्ध अरेस्ट वारंट इश्यू है. किसी भी वक्त उनकी गिरफ्तारी हो सकती है. इतना कह कर दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने उन्हें कोलबा थाना ग्रेटर मुंबई के इंस्पेक्टर से बात करायी. उस इंस्पेक्टर ने उन्हें व्हाटसअप खोलने को कहा.
व्हाटसअप खोलने पर वह इंस्पेक्टर की वर्दी में दिखा और आधार कार्ड दिखाने को कहा. तथाकथित इंस्पेक्टर ने राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बता कर किसी भी को भी कुछ बताने से सख्त मना किया और लगातार व्हाटसअप पर कनेक्ट रहने की बात कही.
वह कभी डीएसपी से बात कराता तो कभी सीबीआइ से बात कराता. सभी प्रकार के नियम कानून की पेचेदियों का भय दिखा कर उनके पूरे परिवार को अरेस्ट करने की बात कही. इस दौरान इससे बचने को लेकर उसने एक बैंक खाते पर अपने खाते से 13 लाख रुपये के अधिक भेजने की बात कही.
साथ ही आश्वस्त किया कि जांच के बाद तीन दिनों के बाद सभी रुपये वापस कर दिये जायेंगे. सारे रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा- गोपाल नगर- महाराष्ट्र के एक ही बैंक खाते में भेजा हूं. लेकिन अबतक रुपये वापस नहीं लौटाया गया. तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ.
सीबीआइ के नाम पर डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे थे चार करोड़
पिछले साल अगस्त में सीबीआइ के नाम पर साइबर फ्रॉड ने डिजिटल अरेस्ट कर गया जी के प्रख्यात डॉक्टर एएन राय से चार करोड़ 40 लाख ट्रांसफर करवा लिये थे. रुपये ट्रांसफर करने के बाद डॉक्टर को अहसासा हुआ कि वह साइबर ठगी के शिकार हो गये हैं. इसके बाद इस मामले को लेकर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी.
साइबर अपराधियों ने सीबीआइ अधिकारी बनकर डॉ एएन राय को वीडियो कॉल कर कहा था कि हमलोग सीबीआइ से हैं. आपके खाते में काफी पैसा है. मुंबई में भी खाता है. मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ है. केस से बचने के लिए खाता नंबर दिया जा रहा है, उसमें पैसे ट्रांसफर कीजिए.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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