Bihar News: निगम के टेंडर और कई कार्यों की जांच करेगी तीन सदस्यीय टीम, शिकायत के बाद जांच के लिए बनी कमेटी

Updated at : 23 Jun 2025 6:59 PM (IST)
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जांच टीम (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar News: नगर निगम में चल रहे विभिन्न तरह के काम पर सवाल खड़ा होने लगा है. मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारियों के पास गड़बड़ियों का फेहरिस्त तैयार कर पहुंचाया गया है. इसके बाद विभाग की ओर से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनायी गयी है.

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गया जी/ Bihar News: नगर विधायक सह मंत्री डॉ प्रेम कुमार व विधान परिषद सदस्य जीवन कुमार ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार को लिखित शिकायत दी है. उसमें बताया है कि कचरा निस्तारण प्लांट में कचरा प्रोसेसिंग के बिना ही 11.71 करोड़ पेमेंट, प्राइवेट एजेंसी से लेबर लेने में 25 करोड़, गाड़ियों के डीजल पर सात करोड़, गाड़ियों की मरम्मत के नाम पर एक करोड़ व पेंशन पर 13 करोड़ खर्च किये जा रहे हैं.

आरोप पत्र में लिखी गयीं सभी बातें पूरी तौर से झूठी

सरकारी सफाईकर्मी पर 13 करोड़ व अनुबंध पर रखे गये सफाईकर्मी पर 31 करोड़ खर्च हो रहे हैं. सफाई के नाम पर 100 करोड़ खर्च किये जा रहे हैं. इसके बाद भी शहर की सफाई ढंग की नहीं हो रही है. आरोप में कहा गया है कि स्ट्रीट लाइट, स्टील बोर्ड, जेम पोर्टल टेंडर, हाइमास्ट लाइट, मोबाइल कंटेनर आदि में काफी गड़बड़ी की जा रही है. जांच के लिए कमेटी में नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त सचिव मनोज कुमार, आंतरिक वित्तीय सलाहकार सुभाष कुमार व मुख्य अभियंता कमरे आलम को रखा गया है. मंत्री ने जल्द जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

निगम के बारे किया जा रहा गलत प्रचार

मेयर डॉ वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि विधानसभा चुनाव की आहट के बाद निगम के बारे में गलत-सलत प्रचार नगर विधायक करने लगते हैं. आरोप वाले पत्र में पूरी तौर से झूठी बातें लिखी गयी है. सच्चाई से कोई लेना-देना भी नहीं है. चुनाव में गलत प्रोपेगेंडा तैयार कर सभी को नगर विधायक विचलित करना चाहते हैं. ताकि, उनके काम के बारे में कोई सवाल नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि यहां के कामों में हर वक्त ध्यान रखा गया है कि शहर के लोगों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जाये और इसी को ध्यान में रखकर सारे निर्णय बैठकों में लिय जाते हैं.

हर काम में विरोध

बोर्ड के फैसले के बाद काम कराने और करने की जिम्मेदारी सरकार की ओर से तैनात अधिकारियों की होती है. पेंशन पर सवाल खड़ा किया गया है. यह हक पहले काम किये कर्मचारियों का होता है. शहर को साफ रखने को लेकर सफाईकर्मियों को रखना ही होगा. इस पर सवाल उठाना ही नहीं चाहिए. वे सरकार में हैं, इसीलिए सारा काम बंद करवा दें. परंतु, शहर की सफाई कौन करेगा. उन्हें शहर की बेहतरी के लिए भागीदार बनना चाहिए, तो हर काम में विरोध कर रहे हैं.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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